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STF करेगी दरोगा भर्ती परीक्षा में पेपर लीक मामले की जांच

Wed, 26 Jul 2017 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : डेमो ‌प‌िक
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दरोगा भर्ती ऑनलाइन परीक्षा-2016 करा रही एजेंसी एनएसईआईटी का सॉफ्टवेयर हैक होने के कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी। दरोगा भर्ती ऑनलाइन परीक्षा इसी एजेंसी को 17 से 31 जुलाई तक करानी थी।
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लेकिन प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो जाने के बाद इसे रद्द करना पड़ा। अब आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की जांच एसटीएफ से कराई जाएगी।

यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा कराई जा रही उपनिरीक्षक सीधी भर्ती 2016 की ऑनलाइन परीक्षा पूरी तरह रद्द कर दी गई है। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार का कहना है कि एनएसईआईटी से कई राज्यों और केंद्र सरकार के विभागों ने महत्वपूर्ण भर्तियों की परीक्षाएं कराई हैं।
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यह पहला मौका है जब उसका सिस्टम हैक होने की बात सामने आई है। परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। ऑनलाइन परीक्षा की नई तारीखों का एलान बाद में होगा।

ट्विटर हैंडिल से मिली जानकारी

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डीजीपी सुलखान सिंह ने बताया कि शनिवार को सोशल मीडिया पर इस संबंध में कुछ शिकायतें आई थीं। जिन्हें पुलिस भर्ती बोर्ड से सत्यापित कराया गया। इसी दौरान कुछ युवकों ने भर्ती बोर्ड के कार्यालय पहुंच कर भी शिकायत की।

उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्रश्नपत्र के बारे में अधिकारियों को जानकारी दी। एसटीएफ ने भी भर्ती बोर्ड के अधिकारियों को इस बारे में बताया।

इसके बाद बोर्ड के अधिकारियों ने पहले 25 और 26 जुलाई को होने वाली परीक्षा को रद्द किया और फिर मंगलवार को पूरी परीक्षा रद्द करने का फैसला किया गया।

एसटीएफ पता लगाएगी पेपर लीक का सच
डीजीपी सुलखान सिंह ने पेपर लीक होने के मामले की जांच एसटीएफ से कराने का निर्णय लिया है। अब एसटीएफ पता लगाएगी कि किस स्तर से ऑनलाइन परीक्षा के प्रश्न लीक हुए हैं। संबंधित कंपनी के सर्वर को हैक किया गया या सर्वर के ही लोगों की मिलीभगत से यह प्रश्न बाहर आए। यह भी पता किया जाएगा कि किस जगह से कब सॉफ्टवेयर को हैक किया गया?

100 में से 96 प्रश्न हो गये थे वायरल

सूत्रों की मानें तो सोशल मीडिया पर जो प्रश्नपत्र वायरल हो रहे थे उसमें 100 में से 96 सवाल वही थे जो दरोगा भर्ती के 21 जुलाई को हुई ऑनलाइन परीक्षा में पूछे गये थे। सूत्रों का कहना है कि इन प्रश्नों को एसटीएफ ने भर्ती बोर्ड और संबंधित एजेंसी से सत्यापित कराया है।

पहली बार हो रही थी ऑनलाइन परीक्षा
प्रदेश में पुलिस भर्ती में पहली बार ऑनलाइन परीक्षा कराई जा रही थी। दावा किया गया था कि इस प्रक्रिया में पेपर लीक होने की संभावना बहुत कम है। लेकिन पहली ही परीक्षा में सामने आई खामी से भर्ती बोर्ड भी चकित है।

वीडियो और पीडीएफ भी हो रहा वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे जिस वीडियो और पीडीएफ के आधार पर परीक्षा रद्द की गयी उसमें परीक्षा की पारदर्शिता में चूक सामने आ रही है। वीडियो में परीक्षा दे रहा शख्स केवल सवालों का वीडियो बना रहा है। 17 सेकेंड के वीडियो में युवक द्वारा पचास सवाल क्लिक किए गये हैं। वहीं दस पेज की पीडीएफ फाइल में सवालों के साथ साथ उसके ऑप्शन भी दिए गये हैं।

इंट्रा नेटवर्किंग से होती है ऑनलाइन परीक्षा

एसटीएफ के सूत्रों का कहना है कि यह परीक्षा इंट्रा नेटवर्किंग के माध्यम से होती है। कंपनी जो परीक्षा सेंटर चुनती है वहां परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले एक आईपी एड्रेस दिया जाता है।

इसी एड्रेस पर एक पेज खुलता है जहां अभ्यर्थी को अपना रोल नंबर और परीक्षा का समय भरना होता है। इसके बाद पूरा फार्म अभ्यर्थी के सामने आ जाता है और फिर एक-एक सवाल आता जाता है और विकल्प पर टिक कर आगे बढ़ना होता है। ऐसे में ऑनलाइन सिस्टम को हैक करना आसान नहीं है।

ऑडिट कराया जाएगा कंपनी
प्रमुख सचिव गृह ने बताया कि पहले 21 जुलाई को हुई परीक्षा के लीक होने की खबर आई थी। लेकिन 24 जुलाई को होने वाली परीक्षा के भी प्रश्नपत्र वाट्सएप और फेसबुक पर आ गये। इस मामले में साफ्टवेयर को चेक करने वाली एजेंसी स्टैंडर्डिजेशन टेस्टिंग एंड क्वालिटी सर्टिफिकेशन (एसटीक्यूसी) से एनएसईआईटी के साफ्टवेयर को सर्टिफाई कराया जाएगा।
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दोबारा परीक्षा में लगेंगे 2 से 3 माह

प्रमुख सचिव गृह का कहना है कि रद्द की गई परीक्षा दोबारा कराने में कम से कम दो से तीन माह का समय लगेगा। उनका कहना है कि सिर्फ परीक्षा रद्द की गई है बाकी प्रक्रिया वैसी ही रहेगी।

दोबारा परीक्षा कराने के लिए सेंटर की उपलब्धता में समय लगेगा। जब भी परीक्षा की तिथि घोषित होगी उसकी सूचना भर्ती बोर्ड की वेबसाइट और मीडिया के माध्यम से दी जाएगी।

जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, वह इसमें दोबारा शामिल हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान कंपनी से भी कहा गया है कि सॉफ्टवेयर की खामी को वह दूर कर ले।
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