मोहम्मद साहिल व अहमद मियां।
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गिरफ्तार जालसाज प्रदीप शर्मा ने पूछताछ में बताया कि वे सभी करीब पिछले 8 वर्षों से उत्तर प्रदेश, दिल्ली व हरियाणा में संगठित गिरोह बनाकर फर्जी कंपनियों के सहारे मल्टी लेवल मार्केटिंग के जरिये लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं।
प्रदीप ने बताया कि उसने वर्ष 2015 में फिल्म सिटी नोएडा में ब्ल्यू फॉक्स प्रोडक्शन हाउस बनाया था। इसका टर्न ओवर लगभग 125 करोड़ रुपये था। यह अब बंद हो चुका है। इसका डायरेक्टर मन्नू प्रशांत विग फ्रॉड करने के आरोप में जेल जा चुका है।
इसके बाद 2016 में एंपरर कंपनी बनाई गई, जो भोजपुरी फिल्म बनाने के नाम पर लोगों से लगभग 90 करोड़ की ठगी कर चुकी है। इस फिल्म की डायरेक्टर अनारा गुप्ता व कलाकार अर्पिता माली (दोनों भोजपुरी फिल्म की अभिनेत्री) थी। इसके बाद इन लोगों ने 2018 में ग्रोवेल ट्रेडिंग हाउस प्रा. लि., नीलिमा बिजनेस एंड कॉरपोरेट प्रा. लि. बनाई। इन कंपनियों के माध्यम से भी लगभग 6 करोड़ की ठगी की जा चुकी है।
वहीं, दूसरे जालसाज सुधांशु श्रीवास्तव उर्फ प्रिंस ने बताया कि उसने 2015 से अब तक नीलिमा बिजनेस एंड कॉरपोरेट प्रा. लि., नीलिमा निधि लि., नीलिमा एडवरटाइजिंग एंड मीडिया प्रा. लि., आंब्रे टेक्सटाइल कंपनी आदि बनाई है। इन कंपनियों के माध्यम से वह जनता से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है।
सरगना अवनीश पांडेय उर्फ राहुल पांडेय ने बताया कि उसने 2018 में ग्रोवेल ट्रेडिंग हाउस प्रा. लि. बनाई थी, जिसको बाद में विजय कुमार मिश्रा व बलराम राव ने अपनी कंपनी केसी इंफ्रा की सिस्टर कंसल्ट कंपनी बनाकर मर्ज कर लिया। इसके जरिए भी धोखाधड़ी की गई।
कंपनियों के बैंक खातों की हो रही जांच
एसटीएफ इन सभी कंपनियों के बैंक खातों की गहनता से जांच कर रही है। रियल एस्टेट प्रॉपर्टी के बारे में पूछताछ में पता चला कि कंपनी के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री या एग्रीमेंट नहीं है।