इंडो-नेपाल बॉर्डर रोड प्रोजेक्ट के लिए बलरामपुर के पांच किसानों ने अपनी जमीन दे दी है।
इसका बाकायदा पीडब्ल्यूडी के नाम बैनामा करा लिया गया है। जल्द ही बाकी जिलों में भी बैनामे कराए जाएंगे।
यूपी के सात जिलों पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, महराजगंज और सिद्धार्थ नगर से सटा 572.32 किलोमीटर लंबा इंडो-नेपाल बॉर्डर है।
यहां रोड बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय पहले ही सैद्धांतिक सहमति दे चुका है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की गतिविधियों के चलते यह बॉर्डर संवेदनशील रहा है।
इस प्रोजेक्ट में 277 किलोमीटर लंबी सड़क वन विभाग की जमीन और 247 किलोमीटर लंबी सड़क किसानों की जमीन से होकर गुजरेगी। जमीन के अधिग्रहण के लिए लंबे समय से किसानों से बातचीत की जा रही थी।
सातों जिलों के ज्यादातर किसान जमीन देने के लिए तैयार हैं, लेकिन कुछ कारणों से बैनामा नहीं हो पा रहा था। बृहस्पतिवार को बलरामपुर के पांच किसानों ने अपनी जमीन पीडब्ल्यूडी के नाम कर दी।
पीडब्ल्यूडी मुख्यालय के अफसरों के मुताबिक, दो-तीन दिनों के भीतर महराजगंज, सिद्धार्थनगर, पीलीभीत और लखीमपुर के काफी किसानों की जमीन की भी रजिस्ट्री करा ली जाएगी।