अध्यक्ष ने बताया कि आयोग ने एएमयू के कुलसचिव को बुधवार को नोटिस जारी कर कहा है कि वे बताएं कि ऐसा किन हालात में हुआ क्योंकि अभी तक सर्वोच्च न्यायालय ने भी ऐसा कोई फैसला नहीं दिया है जिसमें अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को एएमयू में आरक्षण देने से मना किया गया हो।
राजनीति से प्रेरित नहीं है कदम
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से जवाब मांगना कहीं राजनीति से प्रेरित तो नहीं है? इस सवाल पर बृजलाल ने कहा, ऐसा नहीं है। यह कदम एक व्यवस्था के तहत उठाया गया है। मौजूदा शासनकाल से इसे जोड़कर न देखा जाए बल्कि यह पूछा जाए कि पूर्व में सत्ता में रहे दलों ने इस बाबत क्या किया?
अल्पसंख्यक विवि का दर्जा नहीं
बृजलाल ने एएमयू के कुलसचिव को जो नोटिस जारी किया है, उसमें इस बात को प्रमुखता के साथ लिखा गया है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को कभी भी अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय का दर्जा हासिल नहीं हुआ।