कर्मचारियों का कहना है कि वह प्रदेश सरकार के साथ हैं और आपदा के समय सरकार के साथ खड़े रहते हैं। कई बार अपने वेतन का हिस्सा दान भी किया है, लेकिन इस आदेश से जबरन वसूली की बू आ रही है।
परिषद के प्रमुख उपाध्यक्ष सुनील यादव, संगठन के प्रमुख संरक्षक केके सचान ने कहा कि यह आदेश जबरदस्ती धन वसूली जैसा लगता है। इसलिए परिषद इस आदेश के विरोध में है। किसी आपदा की स्थिति में कर्मचारी हमेशा देश व प्रदेश के साथ खड़ा है।