प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतदान अपेक्षाकृत कम हुआ है। अमूमन पढ़े-लिखों के इस चुनाव में वोटिंग प्रतिशत 75 से 80 फीसदी के बीच होने का अनुमान लगाया जा रहा था।
लेकिन शिक्षक खंड क्षेत्र की छह सीटों के लिए वोट पड़े मात्र 66 फीसदी वोट। शिक्षक संगठनों का मानना है कि इस बार मतदान के दौरान काफी सख्ती थी और प्रत्येक मतदाता की फोटोग्राफी के साथ वीडियोग्राफी कराई गई।
शायद पकड़े जाने की की डर से ही फर्जी वोटर मतदान के लिए नहीं पहुंचे। शिक्षक संगठन ओम प्रकाश शर्मा गुट के प्रदेश प्रवक्ता आरपी मिश्रा कहते हैं कि शिक्षक मतदाता सूची में इस बार मनमाने तरीके से नाम जोड़े गए।
ऐसे लोगों को मतदाता बना दिया गया जो शिक्षक नहीं थे। संगठन ने इसकी शिकायत आयोग से की थी। आयोग ने इसके बाद ही मतदान के दौरान फोटोग्राफी के साथ वीडियोग्राफी कराने की व्यवस्था थी।
मतदान के दौरान प्रत्येक केंद्रों पर यही व्यवस्था थी। इसके चलते फर्जी मतदाता वोट करने नहीं पहुंचे। वह यह भी कहते हैं कि इसके अलावा मतदाता सूची में गड़बड़ी के चलते भी वोटिंग प्रतिशत कम रहा।
लखनऊ खंड स्नातक क्षेत्र के उम्मीदवार ओम प्रकाश पांडेय कहते हैं कि प्रतापगढ़ के बाबागंज व बिहार विकास खंड के मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी की शिकायत करते हुए तत्काल मतदान स्थगित कर पुनर्मतदान कराने की मांग की है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा जो भी शिकायतें प्राप्त हुई उनकी वरिष्ठ अधिकारियों से जांच कराई गई, लेकिन किसी प्रकार की गड़बड़ी समाने नहीं आई है।