समिति के सुझावों पर शासन स्तर पर निर्णय लिया गया है कि प्रथम चरण में चिकित्सा शिक्षा विभाग के सभी मेडिकल कालेजों, चिकित्सा संस्थानों, विश्वविद्यालयों में पीआईसीयू की स्थापना की जानी है। इसके लिए सभी मेडिकल कालेजों, चिकित्सा संस्थानों, विश्वविद्यालयों में 50 आइसोलेशन बेड और 50 एचडीयू या आईसीयू बेड प्राथमिकता के आधार पर तैयार किया जाना है।
विशेषज्ञ समिति ने 10 बेडेड पीआईसीयू के लिए मानव संसाधन, उपकरण और औषधियों का विवरण दिया है, उसी के अनुसार आवश्यकतानुसार खरीद करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बारे में मेडिकल कालेज गोरखपुर में 54 बेडेड पीआईसीयू की स्थापना की जानी है, जो अच्छे ढंग से संचालित और आवश्यकतानुसार प्रधानाचार्य राजकीय मेडिकल कालेज गोरखपुर से या उनके पीडियाट्रिक विभाग से सम्पर्क किया जा सकता है।
एक्सपर्ट देंगे चिकित्सकों और नर्सेज को प्रशिक्षण
मेडिकल कॉलेजों की तरह जिला स्तर पर भी पीआईसीयू स्थापित किए गए हैं। उनके लिए भी दिशा निर्देश दिए गए हैं। पीडियाट्रिक्स कोविड मरीज के उपचार के लिए मानव संसाधन प्रशिक्षण के लिए माड्यूल तैयार किया गया है। इसमें विशेषज्ञों द्वारा चिकित्सकों और नर्सेज को प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही तीमारदारों को ठहरने की व्यवस्था से संबंधित आवश्यक तैयारी प्राथमिकता पर करने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी जिलों में चल रहा तेजी से कार्य
तीसरी लहर को देखते हुए झांसी, अमेठी, मथुरा, मुरादाबाद, अयोध्या, गोरखपुर, मेरठ, चित्रकूट, लखनऊ, आजमगढ़ सहित अन्य जिलों में तेजी से कार्य चल रहा है। प्रतापगढ़, प्रयागराज, जालौन कौशांबी में जल्द पीकू बेड तैयार हो जाएंगे। प्रयागराज में 25, प्रतापगढ़ में 30, जालौन में 10 और कौशांबी में 20 बेड वाले पीकू वार्ड तैयार किए जा रहे हैं।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि विशेषज्ञ सलाहकार समिति के सुझावों को लेकर हाल ही में विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है और उसी के अनुसार मुकम्मल तैयारी की जा रही है। अभी 432 पीडियाट्रिक आईसीयू (पीकू) बेड्स तैयार भी कर लिए गए हैं और जरूरी मैन पावर भी बढ़ाए जा रहे हैं।