यूपी विधानसभा का एक दृश्य। (फाइल फोटो)
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उत्तर प्रदेश में पहली बार महिला विधायकों के लिए विशेष सत्र की चर्चा से उत्साहित योगी आदित्यनाथ सरकार अब 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था पर विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने जा रही है। इसी माह के अंत या नवंबर के पहले हफ्ते में विशेष सत्र बुलाया जा सकता है। इस सत्र में केवल 10 खरब डॉलर अर्थव्यवस्था को लेकर 36 से 48 घंटे तक लगातार चर्चा होगी। इसमें सत्ता पक्ष व विपक्ष के सभी सदस्य अपनी राय रखेंगे। किसी खास मुद्दे को लेकर यह अपनी तरह का पहला विशेष सत्र होगा।
इस विशेष सत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग और दस्तावेज देश की सभी विधानसभाओं को भेजा जाएगा। साथ ही इसे संरक्षित भी किया जाएगा जिससे आने वाली पीढ़ी को भी जानकारी मिल सके। विशेष सत्र बुलाने के पीछे मंशा यह है कि देश-दुनिया को पता चले कि यूपी को 10 खरब की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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कार्ययोजना तैयार करने की जिम्मेदारी केशव को
सीएम योगी ने विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य को सभी सदस्यों के साथ बैठकर इसकी कार्ययोजना तैयार को कहा है। वे चाहते हैं कि चर्चा उसी तरह से हो जैसे गांधी जयंती पर 2 अक्तूबर 2019 को विशेष सत्र में हुई थी। उक्त चर्चा को संयुक्त राष्ट्र ने खूब सराहा था।
क्षेत्र में हो रहे विकास से अवगत कराएं विधायक
सीएम की मंशा है कि विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यो के बारे में सदन को अवगत कराएं क्योंकि यह भी प्रदेश को 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का एक जरिया है। उनका कहना है कि अगर किसी क्षेत्र में शिक्षा संस्थान का निर्माण चाहे सरकारी या निजी क्षेत्र द्वारा कराया जा रहा हो, वह भी अर्थव्यवस्था को बल देता है। निवेश का जरिया बनता है। सरकार चाहती है कि खासकर सत्ताधारी और उसके सहयोगी दल के सदस्य इस पर ज्यादा से ज्यादा अपनी बात रखें ताकि पता चल सके कि एक संस्थान के निर्माण से वहां की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा है?