समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा पर पलटवार करते हुए कहा कि वह सपा का सलाहकार बनने की कोशिश न करें। उनकी मुफ्त सलाह की सपा को कोई जरूरत नहीं है।
पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि कुछ लोगों को बिना मांगे सलाह देने की आदत होती है। बेनी उनमें सबसे आगे है।
कभी भाजपा को रोकने के बहाने साथ खड़े होने का हौसला दिखाते हैं तो कभी सरकार कैसे चले, इस पर राय देने लगते है। चर्चा में रहने के लिए खुद ही सपा जाने, न जाने की अफवाहें फैलाते रहते हैं।
उनकी हकीकत अब किसी से छुपी नहीं है। यह सही है कि लोकसभा चुनाव के बाद सत्ता के अहंकार में भाजपा नेता नाग-नागिन बनकर प्रदेश की जनता के लिए खतरा बन गए हैं।
पार्टी की दुर्दशा से सबक लें
सपा प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा से निपटने के लिए उन्हें बेनी वर्मा की मदद की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रवक्ता ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री के रहते कांग्रेस की जो दुर्दशा हुई है, उससे उन्हें सबक लेना चाहिए।
कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों के कारण ही भाजपा केंद्र में सरकार बनाने में सफल हो सकी है। गौरतलब है कि एक संवाददाता सम्मेलन में बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा था कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के संपर्क में सपा के 40-50 विधायक हैं। वे कभी भी सपा विधायकों से विरोध कराके सरकार गिरा सकते हैं।
बेनी के अनुसार सपा में असंतोष भी बहुत है। कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, विकास सभी मुद्दे पर यह सरकार फेल साबित हुई है।
बेनी ने कहा, वह चाहते हैं कि सपा अभी दो साल और सरकार चलाए। इससे कांग्रेस को प्रदेश में तैयारी करने का मौका मिल जाएगा।
यदि मध्यावधि चुनाव हुए तो प्रदेश में भाजपा की ही सरकार बन जाएगी। यदि अखिलेश यादव ठीक से सरकार नहीं चला पा रहे हैं तो मुलायम सिंह यादव को आगे आकर कमान संभालनी चाहिए।
कांग्रेस मेरे लिए स्वर्ग तो सपा नर्क
संवाददाता सम्मेलन में सपा में शामिल होने के प्रश्न पर बेनी ने कहा था कि कांग्रेस स्वर्ग है तो सपा नर्क। ऐसे में स्वर्ग छोड़कर वह नर्क में क्यों जाएंगे ? कुछ लोग ऐसे हैं जो इस तरह की अफवाह उड़ाते रहते हैं।
वह किसी भी कीमत पर सपा में नहीं जा सकते। कांग्रेस को मजबूत कर प्रदेश में अगली सरकार कांग्रेस की ही बनवाएंगे।
वहीं कांग्रेस के भीतर राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर असंतोष की बात पर वह कहते हैं कि कुछ लोग ऐसे हैं जो गांधी परिवार को किनारे करना चाहते हैं। यह वही लोग हैं जो कल तक राहुल गांधी की तारीफ करते नहीं थकते थे।
लोकसभा चुनाव के खराब नतीजे आने के बाद वही लोग राहुल की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं। जबकि राहुल ही वह नेता हैं जिन्होंने सामाजिक, आर्थिक व राजनैतिक सभी का विस्तार से अध्ययन किया है।
कांग्रेस में गहरी साजिश पर बोले बेनी
बेनी ने कांग्रेस की दुर्दशा पर भी अपनी राय रखी थी उनका कहना था कि कांग्रेस में राहुल के खिलाफ साजिश हो रही है क्योंकि राहुल गांधी के आने से कुछ लोगों का पार्टी में वर्चस्व समाप्त हुआ है। इसलिए वे चाहते हैं कि राहुल को किनारे लगा दिया जाए।
यह वे लोग हैं जो कांग्रेस के भीतर तो हैं लेकिन इनका दूसरी पार्टियों में भी सरोकार है। ये लोग अब राहुल व प्रियंका वाड्रा के बीच भी प्रतिस्पर्धा पैदा करना चाहते हैं।
कांग्रेस को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। बेनी ने कहा, भाजपा महज बुलबुला है। बहुत जल्द यह फूट जाएगा।
सपा व बसपा जैसी क्षेत्रीय पार्टियों की राजनीति अब समाप्त होने वाली है। केवल राष्ट्रीय पार्टियां ही रह जाएंगी।