समाजवादी पार्टी लोकसभा चुनाव का रोड मैप हरिद्वार में तैयार करेगी। 11 और
12 सितंबर को वहां होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सपा के
निशाने पर भाजपा और कांग्रेस रहेंगी।
थर्ड फ्रंट की संभावनाओं पर भी
देवभूमि में विचार किया जाएगा। उत्तर प्रदेश
में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के बाद समाजवादी पार्टी लोकसभा चुनाव में
गैर कांग्रेस और गैर भाजपा विकल्प के साथ मैदान में उतरेगी।
सपा की कोशिश
लोकसभा की ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतकर थर्ड फ्रंट में सबसे बड़े दल के
रूप में उभरने की है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इसी पर मंथन होगा।
सपा ने
हालांकि संसद में खाद्य सुरक्षा बिल और भूमि अधिग्रहण विधेयक पर यूपीए
सरकार का समर्थन किया है लेकिन राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उसकी खिंचाई की
जाएगी।
राजनीतिक प्रस्ताव में कांग्रेस के
साथ ही सांप्रदायिक शक्तियों पर निशाना साधा जाएगा। देश की बदहाली, रक्षा
और विदेश नीति के मोर्चे पर नाकामी और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस और
सांप्रदायिक माहौल बनाने की भाजपा की कोशिशों को सामने रखा जाएगा।
आर्थिक
प्रस्तावों में मुख्य हमला कांग्रेस और यूपीए सरकार पर रहेगा। बैठक में
लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर दिशा-निर्देश देने के साथ ही सपा सरकार की
उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया जाएगा।
अल्पसंख्यक कल्याण
की योजनाओं के प्रचार-प्रसार और विहिप की 84 कोसी परिक्रमा पर रोक को खास
तवज्जो देने पर फोकस रहेगा।