फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सपा की नई रणनीति, कमजोर कैंडिडेट्स होंगे आउट

Mon, 02 Sep 2013 01:26 PM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
विज्ञापन
विज्ञापन
समाजवादी पार्टी जल्द ही लोकसभा सीट के कुछ और प्रत्याशी बदल सकती है।
विज्ञापन


रविवार को महासचिव रामगोपाल यादव की मुख्यमंत्री व सपा के प्रदेशाध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद इसकी अटकलें तेज हो गई हैं।

खुद रामगोपाल ने कमजोर उम्मीदवारों को बदलने का संकेत दिया। पार्टी प्रभारियों ने भी अपनी रिपोर्ट में कई उम्मीदवारों को हल्का आंका है।
सपा महासचिव रामगोपाल यादव रविवार सवेरे ही दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली से लखनऊ पहुंचे। वीर्वीआईपी गेस्ट हाउस में कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनसे मुलाकात की।

यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनके निवास पर लंबी बातचीत की। समझा जा रहा है कि उनके बीच लोकसभा चुनाव की तैयारियों और संगठन को लेकर भी चर्चा हुई।

लोकसभा सीटों के प्रभारियों की रिपोर्ट को लेकर भी चर्चा हुई। जिन सीटों पर प्रत्याशी की चुनावी तैयारी, बूथ प्रबंधन, नेताओं-कार्यकर्ताओं से तालमेल बेहतर नहीं है, उनकी उम्मीदवारी पर पुनर्विचार हो सकता है।
विज्ञापन


ऐसा माना जा रहा है कि कुछ प्रत्याशियों से कामकाज के तौर-तरीकों में सुधार के लिए कहा जा सकता है और कुछ के टिकट बदले जा सकते हैं। सपा उसी उम्मीदवार को मैदान में उतारेगी जिसके जीतने की ज्यादा संभावना मानी जा रही है।
पत्रकारों से बातचीत में रामगोपाल यादव ने कहा कि कुछ उम्मीदवारों द्वारा ढिलाई बरते जाने की शिकायतें मिली हैं। क्षेत्र में उनकी सक्रियता और चुनाव प्रबंधन पार्टी की अपेक्षा के अनुरूप नहीं है।
विज्ञापन


ऐसे प्रत्याशी खुद चुनाव मैदान से हट जाएं वरना समीक्षा के बाद उनकी जगह दूसरे उम्मीदवार घोषित किए जा सकते हैं।

रामगोपाल ने 84 कोसी परिक्रमा पर सपा और विहिप के बीच मिलीभगत के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया।

कहा कि प्रदेश सरकार अच्छा काम कर रही है लेकिन भाजपा, बसपा और कांग्रेस उसे बदनाम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आसाराम बापू पर संगीन आरोप लगे हैं। कानून अपना काम करेगा।

एक सवाल के जवाब में कहा कि तीन विधायकों के निलंबन के बाद किसी विधायक या उसके परिजन के खिलाफ कोई शिकायत नहीं मिली है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें