यूपी विधानमंडल सत्र के पहले दिन सदन में बहराइच और संभल हिंसा को लेकर जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष ने जमकर एक दूसरे पर आरोप लगाए। सपा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ावा देने के आरोप लगाए। अपना पक्ष रखने के दौरान सपा के विधान परिषद सदस्य शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने कहा कि इस सरकार में मुसलमानों पर अत्याचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज हिंदुस्तान में रुके शायद यह उनकी गलती थी। आज प्रदेश में मुसलमानों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके बाद सपा के सदस्यों ने संभल हिंसा के मुद्दे पर सदन से बर्हिगमन कर दिया।
आरोपों पर जवाब देते हुए नेता सदन और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष के सभी आरोपों को बेबुनियाद ठहराया और कहा कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। एक भी उपद्रवी बचने नहीं पाएगा।
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सीएम योगी ने भी हिंसा पर दिया जवाब
इसके पहले सीएम योगी ने संभल हिंसा पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बहराइच और संभल की घटना में कार्रवाई आगे बढ़ रही है। सच सामने आएगा। आपकी पत्थरबाजी से सौहार्द नहीं आएगा।
भारत एक ऐसा देश है, जहां बहुसंख्यक समाज सिर्फ समान नागरिक कानून मांग रहा है। इसकी मांग कोई बुरी बात नहीं है। विपक्ष सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग करता है। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने समान नागरिक संहिता की बात कही तो विपक्ष ने उनके खिलाफ महाभियोग का नोटिस दे दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दंगे में शामिल, तमंचा लहराते और पत्थर फेंकते लोगों के सारे विजुअल मौजूद हैं। दोषियों को कोई बचा नहीं पाएगा। दंगे और दंगाइयों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। किसी को कहीं से भी निकलने से कोई नहीं रोक सकता। बहराइच में परंपरागत यात्रा निकलने के दौरान घटना हुई।