सीएम योगी ने 18 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की गोलबंदी में बड़ी सेंध लगाने में सफलता हासिल की है। उनके प्रयास से दलीय सीमाएं टूट गईं और विपक्षी खेमे के दो बड़े दल भी मुर्मू के समर्थन में आ गए।
राष्ट्रपति चुनाव के बहाने विपक्षी दलों की फूट का असर 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भी दिखने के आसार हैं। सुभासपा अध्यक्ष राजभर और प्रसपा नेता शिवपाल नया गुल खिला सकते हैं।
भाजपा गठबंधन के पास 273 विधायक है। शिवपाल, सुभासपा के छह और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के 2 विधायकों के मत मिलने के बाद यह संख्या 281 पहुंच जाएगी। सूत्रों के मुताबिक बसपा के एकमात्र विधायक उमाशकर सिंह का वोट भी मुर्मू को मिल सकता है। इसके अलावा बसपा के 10 सांसदों के वोट भी द्रौपदी को मिल सकते हैं।