सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि विकास की अनदेखी कर सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा देने की नीति के कारण भाजपा-आरएसएस को जनता में स्वीकार्यता नहीं मिल रही।
दिल्ली के बाद यूपी के पंचायत चुनाव और फिर बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार से साफ हो गया कि झूठे वादों के भ्रमजाल में जनता को ज्यादा दिनों तक उलझाया नहीं जा सकता।
चौधरी ने कहा, लोकसभा चुनावों में जीत के अहंकार में डूबी भाजपा ने प्रदेश में विकास का एजेंडा चला रहे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सरकार की छवि खराब करने के लिए पश्चिमी यूपी को सांप्रदायिक राजनीति की प्रयोगशाला बनाया था, लेकिन विधानसभा उपचुनावों और पंचायत चुनावों में भाजपा के सारे दांवपेंच विफल रहे।
उन्होंने कहा कि यूपी से केंद्र सरकार में तमाम मंत्री हैं। इसके बावजूद प्रदेश की विकास परियोजनाओं में केंद्र की अड़ंगेबाजी जारी है।