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सपा के चार मंत्री चुनावी दौड़ से बाहर, कई और पर भी होगा फैसला

Wed, 01 Feb 2017 02:06 AM IST
अजीत बिसारिया/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अब तक अपने चार मंत्रियों को चुनावी दौड़ से बाहर कर चुके हैं। अभी कई और मंत्री इस लाइन में बताए जा रहे हैं। हालांकि, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री शारदा प्रताप शुक्ला के सिवाय टिकट कटने वाले किसी मंत्री ने अभी तक पार्टी से अलग जाकर ताल नहीं ठोंकी है। लेकिन, इसकी संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता।
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सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के पुराने साथी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) शारदा प्रताप शुक्ला लखनऊ की सरोजनीनगर सीट से मौजूदा विधायक हैं। वे सरकारी पार्क की जमीन कब्जाने के विवाद को लेकर काफी सुर्खियों में रहे। तीसरे चरण के चुनाव वाली इस सीट के लिए नामांकन प्रक्रिया मंगलवार को पूरी हो गई।

सोमवार तक प्रत्याशी घोषित न करके सपा ने शारदा प्रताप को टिकट न देने के स्पष्ट संकेत दे दिए थे। सोमवार को जैसे ही शारदा प्रताप ने रालोद से अपना पर्चा भरा, सपा-कांग्रेस गठबंधन ने भी अनुराग भदौरिया को वहां से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया।
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मुलायम खेमे में नहीं थे तब भी निकाल दिया

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व मुलायम सिंह यादव - फोटो : amar ujala
अखिलेश यादव ने एक और राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विजय मिश्रा का टिकट काटकर सबको चौंकाया है। राजनीति के जानकारों को इसका अंदाजा बिल्कुल नहीं था। उन पर मुलायम-शिवपाल खेमे का ठप्पा भी नहीं था।

बताते हैं कि विजय मिश्रा के कामकाज से सपा के स्थानीय समर्थक खुश नहीं थे। यह रिपोर्ट सीएम तक पहुंचने पर उनका टिकट काट दिया गया। इसी तरह सपा ने परिवहन राज्यमंत्री मानपाल सिंह को कासगंज से न लड़ाने का फैसला किया। वे पांच बार के विधायक हैं और शिवपाल सिंह यादव की सूची में उनका नाम शामिल था। शिवपाल से इसी नजदीकी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा।

उनके स्थान पर अपेक्षाकृत कम अनुभवी इशरत उल्ला शेरवानी को मैदान में उतारा गया है। बाल विकास व पुष्टाहार, ऊर्जा और बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री वसीम अहमद को भी इस बार निराशा हाथ लगी है।

वे पिछली बार आजमगढ़ की गोपालपुर सीट से चुने गए थे। बताते हैं कि स्थानीय मुस्लिम समाज के लोग ही वसीम अहमद से खुश नहीं थे। इसकी शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री से भी की थी।

चुनावी रेस से बाहर हुए मंत्री बोले

इतना बता देते मेरा जुर्म क्या था
वसीम अहमद का कहना है कि पता नहीं सीएम ने मुझे किस गलती की सजा दी। कई बार उनसे मिलने के लिए समय मांगा, पर नहीं मिला। कम से कम यह तो बता देते कि इतनी बड़ी सजा आखिर मेरा जुर्म क्या था। फिलहाल मैं सपा में ही हूं।

मेरे बारे में कुछ न छापिए
विजय मिश्र का कहना है कि इस बारे में मुझे आपसे (संवाददाता से) कुछ नहीं कहना। प्लीज मेरे बारे में कुछ भी छापकर मेरा भविष्य और मत खराब करिये।

नेताजी के निर्देश पर किया नामांकन
शारदा प्रताप शुक्ला का कहना है कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) ने मुझसे कहा कि सीएम से मिलकर अपनी बात कहो। कई बार सीएम से समय मांगा, पर वे नहीं मिले। फिर नेताजी के निर्देश पर मैंने नामांकन कर दिया।

उम्र के आखिरी पड़ाव पर कहां जाऊं
मानपाल सिंह कहते है कि पांच बार का एमएलए हूं। उम्र के आखिरी पड़ाव पर हूं। ऐसे में किसी अन्य दल में जाकर जूनियर नहीं होना चाहता। इतना कहूंगा कि सपा जिलाध्यक्ष ने गलत रिपोर्ट्स देकर मेरा टिकट कटवाया।

इन कैबिनेट मंत्रियों की डगर भी हो सकती है मुश्किल
रायबरेली और अमेठी में कांग्रेस के सीटें मांगने से सपा के कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और मनोज पांडेय का भी टिकट फंसता दिखाई दे रहा है। पार्टी सूत्रों की मानें तो गायत्री को तो कांग्रेस के टिकट पर लड़ने का मौका मिल सकता है, पर मनोज पांडेय के सामने मुश्किल आ सकती है।
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छह पूर्व मंत्रियों का भी सपा से हो चुका पत्ता साफ

- फोटो : amar ujala
मुलायम सिंह यादव के बेहद खास माने जाने वाले बर्खास्त कैबिनेट मंत्री अम्बिका चौधरी ने भी टिकट कटने की आशंका के चलते बसपा का दामन थाम लिया। वे पिछला चुनाव बलिया की फेफना सीट से लड़े थे, पर जीत नहीं सके थे।

इसी तरह से मुलायम-शिवपाल खेमे के ही पूर्व मंत्री नारद राय भी टिकट कटने के अंदेशे से बसपा में शामिल हो गए। उनका कहना है कि सपा में बार-बार अपमानित और उपेक्षित होने के कारण वे पार्टी छोड़ने को मजबूर हुए। पूर्व राज्यमंत्री शादाब फातिमा का भी गाजीपुर की जहूराबाद सीट से टिकट काट दिया गया है।

उन्होंने भी कहा कि उन्हें मुलायम सिंह यादव से मुहब्बत करने की सजा मिली है। इसी तरह से अखिलेश सरकार के ही पूर्व मंत्री व भोगांव (मैनपुरी) से विधायक आलोक शाक्य और पूर्व कैबिनेट मंत्री व गौरा (गोण्डा) से विधायक आनंद सिंह को टिकट नहीं दिया गया है।

लोकसभा चुनाव से पहले आनंद सिंह के बेटे को भाजपा से टिकट मिलने पर उन्हें अखिलेश मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया था। पूर्व कैबिनेट मंत्री व बाह (आगरा) से विधायक अरिदमन सिंह भी सपा छोड़कर बसपा में शामिल हो चुके हैं। भाजपा ने उनकी पत्नी पक्षालिका को बाह से टिकट दिया है।
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