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Lucknow News: सपा पार्षद बीबीडी थाना परिसर में चार घंटे तक धरने पर बैठीं

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बीबीडी थाना परिसर में धरने पर बैठी सपा पार्षद ममता रावत।  - फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक बेदी राम के खिलाफ एफआईआर दर्ज न होने से नाराज सपा पार्षद ममता रावत ने रविवार को बीबीडी थाना परिसर में समर्थकों के साथ करीब चार घंटे जमकर धरना-प्रदर्शन किया। पुलिस पर सरकार में शामिल पार्टी के विधायक पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप भी लगाया। फोन पर बीकेटी के भाजपा विधायक योगेश शुक्ला से भी उनकी तीखी झड़प हुई।
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विधायक बेदी राम पर एफआईआर तो दर्ज नहीं हो हुई, मगर इस मामले में नया मोड़ आया है। अब नगर निगम के लेखपाल ने सपा पार्षद ममता रावत के समर्थकों पर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। खरगापुर मल्हौर वार्ड की सपा पार्षद ममता रावत ने बताया कि गंगोत्री विहार फेज-टू कॉलोनी में शुक्रवार को नगर निगम की टीम कच्चा नाला खोदने के आई थी, तभी सुभासपा विधायक बेदीराम व उनके लोगों ने नगर निगम की टीम का विरोध किया था। उनको भी अपशब्द कहे व धमकी दी थी। इसका वीडियो वायरल होने पर वह रविवार सुबह करीब 11 बजे विधायक के खिलाफ बीबीडी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचीं, मगर कार्रवाई न होने पर प्रदर्शन करने के लिए विवश हुईं।


बीबीडी इंस्पेक्टर राम सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। दूसरे पक्ष से बात और मामले की जांच व घटनास्थल के निरीक्षण के बाद कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद पार्षद ने शाम को धरना समाप्त कर दिया। इस मामले में नगर निगम के लेखपाल सुभाष कौशल ने पार्षद पर यह आरोप लगाया है कि उन्होंने उसके साथ मारपीट कराई। इस मामले में लेखपाल ने पार्षद पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर रविवार को पुलिस को तहरीर दी है।
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लेखपाल ने सपा पार्षद पर ये आरोप लगाए
तहरीर में लेखपाल सुभाष कौशल ने लिखा है कि सात फरवरी को वह बीकेटी विधायक योगेश शुक्ला के बुलाने पर नायब तहसीलदार के साथ मौके पर पहुंचे थे। उसी दौरान भरवारा-मल्हौर वार्ड की पार्षद ममता रावत अपने प्रतिनिधि विजय यादव व अन्य समर्थकों के पहुंची थीं। ममता इस बात पर हंगामा करने लगीं कि उक्त नाले पर अतिक्रमण की शिकायत के मामले में उनका नाम क्यों लिया गया। इसी दौरान प्रायोजित ढंग से पार्षद ममता रावत के उकसाने पर उनके प्रतिनिधि विजय यादव, सचिन यादव व 10 से 12 अन्य समर्थकों ने जबरन उसकी (लेखपाल) कार का गेट खोलकर कॉलर पकड़ कर गाली देते हुए बाहर निकाला और मारपीट करने का प्रयास किया। कार की सीट पर रखी सरकारी पत्रावली छीन ली गई। विजय यादव व उनके अन्य सहयोगियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। पास में उपस्थित नायब तहसीलदार व एसटीपी चौकी की पुलिस ने तुरंत किसी तरह से बीच बचाव करके बचाकर उन्हें निकाला। पार्षद ने फर्जी मुकदमे व आयोग में फर्जी शिकायत कर फंसाने की धमकी भी दी। घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गयी। पार्षद ने पिछले दिनों जमीन के मामले में अनैतिक दबाव भी बनाया था।


प्रदर्शन के दाैरान गहमा-गहमी
प्रदर्शन के दौरान थाने में गहमा-गहमी का माहौल रहा। पुलिस कर्मियों के हाथ पांव फूल गए। थाना पहुंचे फरियादियों को भी समस्या का सामना करना पड़ा। पुलिस पार्षद व उनके समर्थकों को समझाने का प्रयास करती रही, मगर वे मानने को तैयार नहीं हुए। मामले की जानकारी होने पर एसीपी विभूतिखंड थाने पहुंचे। उनके काफी समझाने पर पार्षद और उनके समर्थकों ने धरना समाप्त किया।

पार्षद ने कहा...थाने में टेंट लगवाकर दूंगी धरना

प्रदर्शन के दौरान पार्षद ममता ने बताया कि पुलिस ने उनसे कार्रवाई के लिए छह दिन का समय मांगा है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वह इस बार थाने में ही टेंट लगवा कर प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगी।
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बीबीडी थाना परिसर में धरने पर बैठी सपा पार्षद ममता रावत। - फोटो : अमर उजाला

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