लखनऊ। दिल्ली में राहुल गांधी, अखिलेश यादव और विपक्ष के अन्य नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध की आंच मंगलवार को राजधानी लखनऊ तक पहुंच गई। प्रदर्शनकारियों ने विधानभवन, जनभवन और हजरतगंज चौराहे पर जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर हमला बताया। टुकड़ों में आते प्रदर्शनकारियों को पुलिस हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेजती रही। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
नेताओं की गिरफ्तारी की बात सुनकर सपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता शाम सात बजे से ही विधान भवन के सामने जुटने लगे। हालांकि पुलिस बल पहले से ही सतर्क था। विधानभवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ ही अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पहले से प्रदर्शन की घोषणा न होने के कारण प्रदर्शनकारी टुकड़ों में आ रहे थे, जिससे पुलिस उन्हें काबू करने में सफल रही।विधानभवन के सामने बैरिकेडिंग होने की वजह से प्रदर्शनकारी हजरतगंज चौराहे पर ही बैठ गए। इससे हजरतगंज चौराहे पर भी कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण रही। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया। इसके बाद भी कार्यकर्ता अलग-अलग रास्तों से दोबारा प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने का प्रयास करते रहे, जिससे पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
सपा के महानगर प्रवक्ता गौरव सिंह यादव ने बताया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद सभी कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। प्रदर्शन के दौरान सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल के साथ ही सपा के महानगर अध्यक्ष फाखिर सिद्दीकी, विधायक रविदास मेहरोत्रा, सत्येंद्र लोधी, राकेश रावत, प्रदीप कनौजिया, मनीष यादव, राजवीर सिंह, जूही सिंह और राम सिंह राणा को पुलिस हिरासत में लेकर ईको गार्डन छोड़ आई।
हिरासत में लिए गए अजय राय, कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
जनभवन का घेराव करने जा रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय व अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सभी को ईको गार्डन ले जाया गया, जहां से देर रात उन्हें छोड़ा गया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मंत्री पद से हटाने, नीट पेपर लीक सहित देश की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक की जांच कराने की मांग को लेकर निरंतर आंदोलन चलाया जाएगा। कांग्रेस नेता लाठीचार्ज से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह शांतिपूर्ण तरीके से जनभवन जाकर राज्यपाल को देश व प्रदेश की जनता की पीड़ा बताना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उधर, युवा कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक शिवहरे और एनएसयूआई के अध्यक्ष अनस रहमान के नेतृत्व में भी युवाओं ने मंगलवार शाम परिवर्तन चौक से शहीद स्मारक तक मशाल जुलूस निकाला।
कांग्रेस अध्यक्ष ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र
लखनऊ। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को पत्र लिखकर दिल्ली में हुई दमननात्मक कार्रवाई पर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की पृष्ठभूमि में नीट पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली पर लगातार उठते प्रश्न तथा रि-नीट से जुड़ी शिकायतों ने उत्तर प्रदेश सहित देश के लाखों युवाओं में गहरा अविश्वास पैदा किया है। देश के 21 युवाओं ने निराश होकर आत्महत्या जैसे कदम उठा लिए। ऐसे में युवाओं की आवाज सुनने के बजाय यदि आंसू गैस, लाठीचार्ज और बल प्रयोग का सहारा लिया जाता है तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतिकूल और अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
मंगलवार को प्रदर्शन करते सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता और उन्हें हिरासत में लेती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को प्रदर्शन करते सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता और उन्हें हिरासत में लेती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को प्रदर्शन करते सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता और उन्हें हिरासत में लेती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को प्रदर्शन करते सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता और उन्हें हिरासत में लेती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को प्रदर्शन करते सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता और उन्हें हिरासत में लेती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को प्रदर्शन करते सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता और उन्हें हिरासत में लेती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को प्रदर्शन करते सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता और उन्हें हिरासत में लेती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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मंगलवार को प्रदर्शन करते सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता और उन्हें हिरासत में लेती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को प्रदर्शन करते सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता और उन्हें हिरासत में लेती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को प्रदर्शन करते सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता और उन्हें हिरासत में लेती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला