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राज्यसभा चुनाव : भाजपा ने बसपा को वॉकओवर दिया तो सपा ने बदली रणनीति

Thu, 29 Oct 2020 12:29 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने बसपा को वॉकओवर देने की तैयारी की तो सपा एकाएक सक्रिय हो र्गई। बसपा को भाजपा के पाले में साबित करने के लिए आनन-फानन में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में आखिरी वक्त में प्रकाश बजाज का नामांकन पत्र दाखिल कराया। उसकी रणनीति बसपा को भाजपा के पाले में खड़ा करने की थी। बसपा के आधा दर्जन विधायकों की बगावत से उसकी रणनीति कुछ हद तक कारगर भी रही। अब प्रदेश में जल्द ही एक और सियासी उठापटक की सुगबुगाहट तेज हो गई है। 
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संख्या बल को देखते हुए राज्यसभा चुनाव में सपा ने सिर्फ रामगोपाल यादव को उम्मीदवार बनाया था। ऐसी संभावना थी कि भाजपा 9 प्रत्याशी उतारेगी। नामांकन की आखिरी तिथि 27 अक्तूबर थी। भाजपा ने 26 अक्तूबर की रात को 8 उम्मीदवारों का ऐलान किया। नौवें प्रत्याशी पर सस्पेंस कायम रखा। समाजवादी पार्टी के हल्कों में चर्चा प्रारंभ हो गई थी कि भाजपा नौवां प्रत्याशी नहीं उतारेगी। वह बसपा प्रत्याशी को वॉकओवर देकर राज्यसभा पहुंचाएगी।

भाजपा-बसपा की रणनीति को नाकाम करने केलिए 27 अक्तूबर को आनन-फानन में वाराणसी के अधिवक्ता प्रकाश बजाज का नामांकन निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में कराया गया। रणनीति यह थी कि राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान की स्थिति बने। सपा नेताओं का कहना था कि बसपा तभी चुनाव जीत सकती हैं जब भाजपा उसकी मदद करे। यदि चुनाव नहीं हुए तो संदेश जाएगा कि भाजपा ने बसपा को राज्यसभा की एक सीट का तोहफा दे दिया है। इसी रणनीति के तहत 2.50 बजे सपा विधायक इरफान सोलंकी और राजकुमार यादव नाटकीय अंदाज में प्रकाश बजाज को लेकर सेंट्रल हॉल पहुंचे।
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नामांकन के साथ शुरू हुआ शह-मात का खेल

10 सीटों पर 11 प्रत्याशी हो जाने पर शह-मात का खेल मंगलवार को नामांकन दाखिल के बाद से ही शुरू हो गया था। निर्वाचन अधिकारी ने मंगलवार शाम जब उम्मीदवारों के शपथ पत्रों की प्रति जारी की तभी से बसपा और भाजपा ने सपा समर्थित निर्दलीय प्रकाश बजाज के नामांकन पत्र में खामियां तलाशनी शुरू कर दी थी। चुनावी राजनीति के दिग्गजों ने प्रकाश बजाज के नामांकन में कमी तलाश लीए उनके नामांकन पत्र में तीसरे प्रस्तावक के रूप में सपा विधायक नवाब शाह लिखा दिखाए जबकि मुरादाबाद से सपा विधायक का नाम नवाब जान है। यहीं से प्रकाश बजाज को घेरने की तैयारी शुरू हो गई। इसी आधार पर उनका नामांकन खारिज कर दिया गया।

साइकिल पर सवार होंगे कई और विधायक:
बसपा के 6 विधायकों के बगावती तेवर के बाद सपा खेमे में शीघ्र ही एक और सियासी उठापटक की अटकलें लगाई जा रही है। चर्चा है कि दूसरे दलों के एक दर्जन से ज्यादा विधायक सपा की साइकिल पर सवारी कर सकते हैं। ये विधायक सपा नेतृत्व के संपर्क में बताए जा रहे हैं। 

इसलिए रह गई खामी:
जल्दबाजी में प्रकाश बजाज ने राज्यसभा चुनाव के लिए निर्दलीय नामांकन दाखिल किया। जल्दबाजी ऐसी थी कि निर्वाचन अधिकारी ने प्राप्ति रसीद में प्रकाश बजाज को प्रकाश बाजपेयी लिख दिया। नामांकन फार्म भरते समय विधायक नवाब जान की जगह नवाब शाह लिख दिया गया। हालांकि इस पर हस्ताक्षर नवाब जान के ही हैं। शपथ पत्र में भी कुछ खामी रह गई।

अतुल अंजान को उम्मीदवार बनाना चाहते थे रामगोविंद
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि वे सीपीआई के अतुल अंजान को राज्यसभा उम्मीदवार बनाना चाहते थे। उनकी इच्छा थी कि सभी विपक्षी दल मिलकर अंजान को उम्मीदवार बनाकर राज्यसभा भेजें। इस संबंध में उन्होंने जब बसपा के एक नेता से बात की तो पता चला कि बसपा अपना उम्मीदवार खड़ा करेगी। इसके बाद अंजान को उम्मीदवार बनाने की बात आगे नहीं बढ़ सकी।
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