मोदी के सत्ता संभालने के साथ ही सूबे के लिए अच्छी खबर मिली। दक्षिण अफ्रीकी प्रतिनिधि मंडल में यूपी के व्यापारियों से दक्षिण अफ्रीका में निवेश की गुजारिश की।
देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभाली तो करीब एक दशक से कारोबार प्राथमिकता समझौता (प्रिफरेंसेज ऑफ ट्रेड एग्रीमेंट) का इंतजार कर रहे दक्षिण अफ्रीका की भी उम्मीदें जवां हो गई हैं।
दक्षिण अफ्रीकी उच्चायोग के डिप्टी हाई कमिश्नर मलोस मोगाले ने उम्मीद जताई है कि अब यह समझौता नतीजे तक पहुंच सकेगा।
एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ लखनऊ पहुंचे मोगाले यहां गोमतीनगर स्थित एक होटल में सीआईआई की ओर से आयोजित द्विपक्षीय संवाद में सूबे के उद्यमियों से मुखातिब थे।
व्यापारियों को मिला न्यौता
भारत में नई सरकार से अपेक्षाओं के सवाल पर मोगाले ने कहा कि दोनों ही देश बहुत पुराने मित्र हैं। हालांकि दोनों के बीच कारोबारी हिस्सेदारी अपेक्षा से बहुत कम है।
इसे बढ़ाने का यह अच्छा मौका है जब दोनों ही देशों में नई सरकारों ने सत्ता संभाली है। मोगाले ने दक्षिण अफ्रीका में 24 फीसदी बेरोजगारी दर का हवाला देते हुए यूपी के उद्यमियों से अपील की कि वे वहां आकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करें।
उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में निवेश के बेहतर अवसर और सुविधाओं की चर्चा करते हुए वहां माइनिंग, आईटी, ऑटोमोबाइल, एग्रो प्रोसेसिंग जैसे सेक्टर में निवेश का न्यौता दिया।
दिया साझेदारी का ऑफर
सीआईआई के यूपी चेयरमैन सचिन अग्रवाल ने मोगाले को भविष्य में बड़े कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के साथ यूपी आने और यहां निवेश व कारोबार के उपलब्ध अवसर में साझेदारी कर दोनों देशों केसंबंधों को आगे बढ़ाने का आमंत्रण दिया।
सीआईआई के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष जयंत कृष्ण ने दोनों देशों की कारोबारी साझेदारी को लेकर निवेशकों की जिज्ञासा से जुड़े कई अहम सवाल किए।
सीआईआई के टेक्निकल एसोसिएट विनम्र अग्रवाल ने दक्षिण अफ्रीकी प्रतिनिधिमंडल के प्रति आभार ज्ञापित किया।
प्रतिनिधिमंडल में मंत्री पोलिटिकल इकोनॉमिक स्टीफंस बोट्स, सेक्रेटरी पोलिटिकल लुथांडो मरानंजना और ट्रेड व इन्वेस्टमेंट के सलाहकार रविकांत इसार शामिल रहे।