अपने परिवार के साथ राहुल सिंह।
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राहुल के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत ठीक नहीं थी। इसके बावजूद पिता ने किसी तरह राहुल को पढ़ाया-लिखाया। अपनी मेधा के दम पर राहुल ने परीक्षा दर परीक्षा सफलता के कीर्तिमान गढ़े। बीटेक में स्कॉलरशिप मिली थी। फोन पर बातचीत में राहुल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा-दादी, माता-पिता व भाई को दिया है।
सार्थक हुआ संघर्ष: चंद्र प्रकाश के दो पुत्र राहुल सिंह और रितिक सिंह हैं। उन्हें कोई बेटी नहीं है। छोटा बेटा रितिक क्षेत्र के एक विद्यालय में इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहा है। रितिक भी पढ़ाई में होशियार है। चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि काफी मुफलिसी में उन्होंने राहुल को पढ़ाया है। उसकी सफलता से दुख-तकलीफ सब सार्थक हो गई।