प्रधान प्रतिनिधि सत्यदेव साहू ने बताया कि वह बाहर होने के कारण सहायता के लिए सीएचसी पर नहीं पहुंच सके। वहीं सीएचसी पर मौजूद डॉ. प्रदीप का कहना है कि मरीज जब यहां पहुंचा तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सीएचसी से शव को वापस गांव भिजवाने की कोई व्यवस्था नहीं है। सीएचसी अधीक्षक मुकुंद पटेल ने कहा कि मैं जिला मुख्यालय पर डीएम की मीटिंग में आया हूं। यदि मौजूद होते तो जरूर शव वापस भिजवाता भले ही निजी खर्च पर।