केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने दावा किया है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार को बीते ढाई वर्षों में चिकित्सा, शिक्षा, मनरेगा और ढांचागत विकास के लिए पर्याप्त पैसा दिया। लेकिन अखिलेश सरकार ने न तो केंद्र से मिले बजट का लाभ जनता को पहुंचाया न ही अब हिसाब दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था, महिलाओं, बेटियों की सुरक्षा के लिहाज से यूपी सबसे असुरक्षित हो गया है। दो लड़के जो असफल थे, अब साथ आ गए हैं, लेकिन वे दोनों मिलकर भी सफल नहीं होंगे।
शनिवार को एक होटल में अमर उजाला से बातचीत में स्मृति ने कहा कि यदि जनता ने गलती से सपा-कांग्रेस गठबंधन को वोट दिया तो यूपी में फिर गुंडाराज आएगा। भाजपा की सरकार बनने पर न केवल महिलाएं सुरक्षित होंगी, बल्कि महिलाओं को सशक्त भी बनाया जाएगा। इस दौरान उन्होंने कई सवालों के जवाब दिए-
सवाल- यूपी चुनाव में भाजपा के लिए क्या संभावनाएं हैं?
जवाब- यूपी चुनाव में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार देख रहे हैं। यह संभावना इसलिए है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यूपी देख रहा है कि भाजपा की सरकार आने से केंद्र और यूपी की सरकार में तालमेल बेहतर और सशक्त होगा। एक तरफ सपा सरकार ने विकास का सपना जनता को दिखाकर चकनाचूर कर दिया तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सुकन्या समृद्धि योजना, मुद्रा योजना, फसल बीमा योजना आईं।
सपा-कांग्रेस गठबंधन एक दूसरे को सत्ता में रखने का साधन
सवाल- सपा-कांग्रेस, अखिलेश-राहुल गांधी के गठबंधन की सफलता की संभावना कितनी है?
जवाब- मुझे लगता है कि जो अकेले-अकेले असफल थे, वे अब साथ आ गए हैं। वे कितने सफल रहेंगे, इसका जवाब इसी से मिलता है कि दोनों ने मिलकर अब तक उत्तर प्रदेश के मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं की। विकास, स्वास्थ्य के मुद्दे पर चर्चा नहीं की। दोनों ने अब तक निश्चित रूप से घोषणा नहीं की है कि वे यूपी को क्या देना चाहते हैं। ये गठबंधन एक दूसरे को सत्ता में रखने का साधन है। जनता इस गठबंधन को स्वीकार नहीं करेगी।
सवाल- आपकी नजर में यूपी में चुनावी मुद्दे क्या हैं?
जवाब- अपराध, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी सबसे बड़े चुनावी मुद्दे हैं। महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, पति को बचाने के लिए पुलिस थाने पहुंचने पर महिला से रेप हो जाता है। बेटियां स्कूल जाने से डरती हैं।
सवाल- आप कब से चुनाव प्रचार पर निकल रही हैं?
जवाब- मैंने तो चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है, यूपी की जनता के द्वार पर खड़ी हूं।
'कार्यकर्ता का धर्म है कि पार्टी को मजबूत करे'
सवाल- अमेठी में टिकट वितरण को लेकर काफी असंतोष है, उस पर नियंत्रण कैसे होगा?
जवाब- जो सांसद चुनाव हार गए थे मेरी तरह, उनसे टिकट वितरण में विचार विमर्श होना भी उचित नहीं है। पार्टी में प्रदेश और राष्ट्र की टीम बैठकर ही निर्णय लेती है कि जिसकी जीत की संभावना ज्यादा हो उसे ही टिकट दिया जाता है। लेकिन कार्यकर्ता होने के नाते हमारा धर्म है कि पार्टी को मजबूत करें।
सवाल- अखिलेश यादव ने अमेठी से गायत्री प्रजापति को टिकट दिया है, जबकि उन पर कई आरोप लगे हैं?
जवाब- मैंने बार-बार कहा कि गायत्री प्रजापति के समर्थन में अखिलेश का उतरना ही इस बात का संकेत है कि परिवार आज भी वही है, एकजुट है, पार्टी भी वही है। यदि किसी ने सपा को वोट देने की गलती कि तो गुंडाराज फिर लौटेगा।
सवाल- राहुल गांधी 27 साल बेहाल का नारा देते थे, अब वे सपा के साथ हैं। आप का क्या मानना है?
जवाब- गायत्री प्रजापति ने सार्वजनिक रूप से मीडिया में बयान दिया है कि 2014 का लोकसभा चुनाव उन्होंने राहुल गांधी को जितवाया है, इसलिए अब राहुल को उनका कर्ज चुकाना है।
इस बार कम हैं महिलाओं को दिए गए टिकट
सवाल- भाजपा ने केवल 43 टिकट ही महिलाओं को दिए, जबकि पिछले चुनाव में 60 से अधिक टिकट दिए थे?
जवाब- भाजपा ने महिलाओं को अन्य दलों की तुलना में ज्यादा टिकट दिए हैं। स्वच्छता अभियान में यूपी को 950 करोड़ रुपया दिया गया, लेकिन अखिलेश यादव ने न तो पैसा पूरा खर्च किया ना हिसाब दे पा रहे हैं। भाजपा ने सौ फास्ट ट्रैक खोलने, हर जिले में तीन महिला थाने खोलने, एक हजार महिलाओं का विशेष जांच विभाग बनाने और महिला को आर्थिक सामाजिक रूप से सशक्त करने की बात घोषणा पत्र में की है।
सवाल- विपक्षी दलों का आरोप है कि भाजपा ध्रुवीकरण की ओर जा रही है
जवाब- गन्ना किसानों को 14 दिन में राशि दिलाने, घर-घर बिजली देने की बात की। इसमें यह तो नहीं कहा कि एक ही धर्म के लोगों को मिलेगा। इसलिए विकास की बात करें, विकास के मुद्दे पर सपा के पास जवाब नहीं है।
सवाल- अखिलेश यादव का आरोप है कि यूपी ने लोकसभा चुनाव में भाजपा को बहुमत दिया, लेकिन केंद्र ने यूपी को कुछ नहीं दिया!
जवाब- प्रधानमंत्री ने बताया है कि स्वास्थ्य सेवा के लिए सात हजार करोड़ दिए, लेकिन यूपी सरकार ने उसका सही इस्तेमाल नहीं किया। आशा बहुओं, महिला कर्मियों के बारे में मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुकी हूं, लेकिन जवाब नहीं दिया। केंद्र से बजट मिलने के बाद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय नहीं दिया। अखिलेश ने तो खुद अपने पिछले चुनाव के घोषणा पत्र को पूरा नहीं किया।
मुख्यमंत्री बनने की बात पर दिया ये जवाब
सवाल- यूपी में भाजपा ने अभी मुख्यमंत्री का चेहरा स्पष्ट नहीं किया है, आपको भी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के रूप में देख रहे हैं!
जवाब- यह चुनाव लड़ा जा रहा है यूपी के बेहतर कल के लिए। मैं वर्तमान में रहती हूं, वर्तमान की दरकार है जिस संगठन ने विकास के वचन को निभाया है, उसे जनता वोट दे।
सवाल- राजनीति में भाषा का स्तर गिरता जा रहा है। कुछ नेता महिलाओं के प्रति सम्मानजनक भाषा का प्रयोग नहीं करते?
जवाब- मेरा और पार्टी का मानना है कि महिला राजनीति में हो या नहीं, उसके प्रति सम्मान होना चाहिए। मैं स्वयं कांग्रेस के एक नेता के खिलाफ 2012 से केस लड़ रही हूं। कांग्रेस ने उन्हें अपराधी नहीं बताया, बल्कि प्रमोशन कर दिया गया।
सवाल- पार्टी के घोषणा पत्र में महिलाओं के लिए घोषणाएं की गई हैं, क्या वे पूरी होंगी?
जवाब- पार्टी ने घोषणा पत्र नहीं, जनकल्याण संकल्प पत्र जारी किया है। यूपी में भाजपा की सरकार बनने पर संकल्प पत्र में महिला उत्थान और महिला सुरक्षा के लिए जो भी बात कही गई है, उसे शत प्रतिशत पूरा किया जाएगा।