सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता व नेता चाहते हैं कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) चुनाव प्रचार करें। राजधानी में एक कार्यक्रम में अखिलेश ने इस बात से इन्कार किया कि मुलायम सिंह से उनका झगड़ा स्क्रिप्टेड था।
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उन्होंने कहा कि जिस अमेरिकी कंपनी के मेल का जिक्र आया है, वह फर्जी था। एक टीवी चैनल ने खुद मेल जनरेट किया और खबर चलाई। चुनाव के समय उनका नाम लेकर नाराजगी मोल लेना ठीक नहीं है।
अखिलेश ने कहा कि कांग्रेस और सपा का गठबंधन स्वाभाविक है। दो दल (भाजपा व बसपा) इस गठबंधन से घबरा गए हैं। अमित शाह का नाम लिए बिना कहा कि वह हमें शहजादे बता रहे हैं। हम शहजादे नहीं हैं, यूपी में काम कर रहे हैं। बसपा, भाजपा नेता कह रहे हैं कि गुंडाराज है। जनता को उनकी बात पर यकीन नहीं करना चाहिए। बेहतर हो कि वे (अमित शाह) अपने इतिहास के बारे में भी लोगों को बताएं।
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मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के अपराध के आंकड़े भी सामने रखें। मेरठ और लखनऊ में हत्या की घटनाएं दुखद हैं लेकिन पुलिस बहुत जल्द सच्चाई सामने लाएगी। हमने काम किया है, इसलिए जनता को बता रहे हैं। केंद्र सरकार को ढाई साल से ज्यादा समय हो गया है। अच्छे दिन वालों ने कोई काम किया हो तो बताएं।
नेताजी नहीं देते विवादित बयान
- फोटो : SELF
चुनाव के समय नेताजी द्वारा विवादित बयान दिए जाने की आशंका को मुख्यमंत्री ने खारिज किया। कहा, नेताजी कभी विवादित बयान नहीं देते। टीवी चैनल उनके बयानों को आधा-अधूरा या काटकर दिखाते हैं।
अंकल (अमर सिंह) द्वारा चिट्ठी लिखे जाने पर कहा कि वह वॉट्सएप या मेल से पत्र भेजते तो मैं पढ़ लेता। एक सवाल के जवाब में कहा कि परिवार के विवाद का अध्याय खत्म है।
पीएम बनने का सपना नहीं
अखिलेश ने एक सवाल के जवाब में कहा, प्रधानमंत्री बनने का मेरा सपना नहीं है। यूं भी जो दिल्ली से दूर रहता है, वह ज्यादा खुश रहता है।
जीतने वाले सर्वाधिक मुस्लिम प्रत्याशी हमारे
अखिलेश ने बसपा द्वारा 100 मुस्लिम प्रत्याशी उतारने पर कहा कि 2012 में हर दल के मुस्लिम प्रत्याशी निकाल लीजिए। सबसे ज्यादा जीतने वाले प्रत्याशी हमारे हैं।
मायावती का भ्रष्टाचार अजूबा
- फोटो : amar ujala
मायावती द्वारा भ्रष्टाचार के संरक्षण का आरोप लगाने पर जवाब देने के बजाय मुख्यमंत्री ने चुटकी ली। कहा, जिस तरह ताजमहल एक अजूबा है, उसी तरह पत्थरों वाली नेता के आरोप अजूबा हैं।
यादव सिंह के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट जाने पर कहा कि यह साफ हो जाना चाहिए कि यादव सिंह यादव नहीं हैं। यादव सिंह पत्थर वाली सरकार के सबसे करीब रहे हैं।
कोई और छूट गया तो बसपा उसे भी ले ले
अखिलेश ने कहा कि अंबिका चौधरी और नारद राय बड़े नेता नहीं हैं। उनका टिकट कट गया तो चले गए। बसपा का नाम लिए बिना कहा कि कोई और नेता छूट गया हो तो उसे भी ले लें।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन की जांच होगी तो सच्चाई सामने आ जाएगी। गायत्री प्रजापति चुनाव जीत सकते हैं, इसलिए हमने उन्हें टिकट दिया है।
मोदी ने सपना देखा, हम साकार कर रहे
स्मार्टफोन योजना पर सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया का सपना देखा और हम इसे साकार कर रहे हैं।
केंद्र में मोदी सरकार आने से पहले ही हमने लैपटॉप बांट दिए थे। अब जमाना स्मार्ट फोन का है। इससे लोगों को सरकार से सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा।