अमेठी सीट कांग्रेस और भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का मुद्दा बन गई है, इसका अंदाजा इसी से लगता है कि स्मृति ने प्रियंका वाड्रा की सचिव को भी जिले से बाहर करवा दिया।
बुधवार को मतदान के दौरान करीब 11 बजे भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी को थौरी को बूथ संख्या 210, 211 पर कांग्रेसियों की ओर से कब्जा करने की सूचना मिली।
स्मृति मौके पर पहुंचीं तो कांग्रेस एजेंट बूथ के भीतर बैठे पाए गए। स्मृति की शिकायत पर सीओ मुसाफिरखाना सुमित शुक्ल मौके पर पहुंचे और कांग्रेस के एजेंटों को बूथ से बाहर किया।
इसी बीच प्रियंका वाड्रा की निजी सचिव प्रीति सहाय भी बूथ पर पहुंच गईं और स्मृति से उनकी कहासुनी हो गई।
प्रियंका की सचिव को नहीं बख्शा
स्मृति को जब पता चला कि प्रीति सहाय प्रियंका की निजी सचिव हैं और अनधिकृत रूप से बूथों पर भ्रमण कर रही हैं तो उन्होंने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की जिसके बाद प्रशासन ने प्रीति सहाय को तत्काल जिले की सीमा से बाहर भेज दिया।
गौरतलब है कि भाजप ने कांग्रेस से अमेठी का गढ़ जीतने के लिए और कांग्रेस ने अपने इस किले को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। ऐसे में कोई नहीं चाहता कि जरा सी भी कसर रह जाए।
वहीं मोदी की अमेठी रैली के बाद से ही यहां का माहौल काफी गर्मा गया है। दोनों पार्टियों के प्रमुख नेताओं ने एक दूसरे पर आरोप लगाए।
राहुल अमेठी में ही
आज (7 मई) को मतदान के दिन राहुल गांधी भी सुबह जल्दी ही अमेठी पहुंच गए। उन्होने मतदाताओं का रूख अपनी ओर मोड़ने का पूरा प्रयास किया।
राहुल ने अमेठी में रोड शो भी किया था। जिसमें उनकी बहन प्रियंका वाड्रा भी उनके साथ थीं।
अमेठी में राहुल गांधी को मिल रही कड़ी चुनौती के कारण ही कांग्रेसी तिलमिला गए हैं। आज बूथ पर समर्थकों का उत्साह बढ़ाने के लिए आए राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाज़ी भी हुई तो एक मतदान केंद्र पर राहुल को देखकर कुछ लोगों ने मोदी मोदी कहकर शोर भी मचाया।
अमेठी को लेकर कांग्रेस की बेचैनी का अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है कि यहां अब सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की भी जनसभाएं हो चुकी हैं।