ई-पाठशाला मोबाइल एप की तर्ज पर अब उच्चशिक्षा के युवाओं को भी मोबाइल एप में पाठ्य सामग्री पढ़ने को मिलेगी। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय इसके लिए एक मोबाइल एप तैयार करवा रहा है।
इसमें 12 हजार लर्निंग मॉड्यूल्स मोबाइल एप के जरिए युवाओं को मिलेंगे। एक महीने बाद युवा अपने मोबाइल से मुफ्त में इन किताबों को पढ़ सकेंगे।
यह घोषणा केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने रविवार को लखनऊ में की। वे बाबा साहब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी के स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यहां आई थीं।
उन्होंने बताया कि जिस प्रकार मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एनसीईआरटी की कक्षा एक से 12 तक की किताबें ई-पाठशाला मोबाइल एप के जरिए मुफ्त में उपलब्ध कराई हैं उसी तरह उच्च शिक्षा के युवाओं के लिए भी मोबाइल एप तैयार किया जा रहा है।
मेहनत से घबराते नहीं युवा, उन तक जरूर पहुंचेंगे बदलाव
उन्होंने बताया कि युवा मेहनत से घबराते नहीं हैं लेकिन वे यह चाहते हैं कि न्यू नॉलेज का संचार उनकी यूनिवर्सिटी के माध्यम से हो।
वे यह चाहते हैं कि शिक्षा से संबंधित जो भी नए बदलाव व रिसोर्स आ रहे हैं वह उन तक जरूर पहुंचे।
उन्होंने कहा कि इसी को देखते हुए अब उनका प्रयास है कि मोबाइल एप के माध्यम से उच्च शिक्षा के भी युवाओं को किताबें उपलब्ध कराई जाएं।
इस एप के बाद युवाओं को जरूरी किताबों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इससे युवा अपनी पढ़ाई और अच्छे से कर सकेंगे।
क्या है ई-पाठशाला
ई-पाठशाला नाम से एक मोबाइल एप्लीकेशन प्लेटफार्म बनाया गया है। इसमें एनसीईआरटी की कक्षा एक से 12 तक की सभी किताबें उपलब्ध हैं।
इसे केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने एनसीईआरटी के साथ मिलकर बनवाया है। इस एप के जरिये एनसीईआरटी की किताबें मुफ्त डाउनलोड की जा सकती हैं।
हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सभी विषयों की किताबें इसमें उपलब्ध हैं। एप के जरिए पीडीएफ फारमेट में हर विषय की किताबें चैप्टर वाइज डाउनलोड की जा सकती हैं।
ई-पाठशाला नाम से वेबसाइट पोर्टल भी है। इसके जरिए कम्प्यूटर पर भी किताबें डाउनलोड की जा सकती हैं।