निदेशक राज्य पोषण मिशन कपिल सिंह ने भी शासन को रिपोर्ट भेज दी है कि टेंडर प्रक्रिया में कोई अनियमितता नहीं बरती गई। मंत्री द्वारा उठाए गए बिंदु निराधार हैं। अपने ही मातहतों द्वारा निर्देशों की अनदेखी से नाराज मंत्री अब टेंडर निरस्त कराने पर अड़ गई हैं। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने टेंडर निरस्त करने के लिए फिर से प्रमुख सचिव व निदेशक से मौखिक रूप से बात की है। लेकिन विभाग ने टेक्निकल बिड के बाद अब फाइनेंशियल बिड भी खोल दिया है। हालांकि मंत्री के दबाव में ही अभी तक किसी कंपनी को टेंडर आवंटित नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी मांगी रिपोर्ट
सूत्रों का कहना है कि मोबाइल कंपनी की शिकायत पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस मामले में रिपोर्ट मांगी है। इससे पहले कंपनी ने पीएमओ और नीति आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई है।