यूपी पावर कॉर्पोरेशन बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए स्मार्ट मीटर लेकर आया। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के घर लगे तो बिजली चोरी का सिलसिला भी थमा। लेकिन ये स्मार्ट मीटर उन ब्लैक लिस्ट कंपनियों के मीटरों की तरह भागने लगे, जो उपभोक्ताओं का दिवाला निकाल चुके हैं। ये उदाहरण इसकी बानगी हैं।
इससे उपभोक्ताओं के बिल पहले से दो से तीन गुना तक बनने लगे हैं। पीड़ितों ने उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम के अध्यक्ष से गुहार लगाई है कि स्मार्ट बिजली मीटर बहुत तेज भाग रहा है, लेकिन अफसर सुनवाई नहीं कर रहे हैं। राजधानी में अब तक लगभग 90 हजार स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। इनके तेज चलने की आधिकारिक पुष्टि इलाकाई एवं परीक्षण इंजीनियरों ने भी की है।
कानपुर रोड खंड के आशियाना, एलडीए कॉलोनी, कृष्णानगर, अपट्रान खंड के सआदतगंज, नूरबाड़ी, टिकैतरायतालाब कॉलोनी, दरगाह रोड, कैम्पल रोड, न्यू हैदरगंज, ठाकुरगंज खंड के चौपटिया, ठाकुरगंज, नैपियर रोड कॉलोनी, बालागंज, रस्तोगी नगर, चौक खंड के चौक, नक्खास, नादान महल रोड, अकबरी गेट, काश्मीरी मोहल्ला, यहियागंज, राजाबाजार, जगत नरायन रोड, रहीमनगर खंड के विकास नगर, जानकीपुरम, खुर्रमनगर, चिनहट के तिवारीगंज, देवा रोड, मटियारी व चिनहट कस्बे, अमीनाबाद में स्मार्ट मीटर लग रहे हैं।
उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम के अध्यक्ष व न्यायाधीश सैयद मोहम्मद हसीब का कहना है कि चौक खंड में आयोजित लोक अदालत के दौरान उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर के तेज चलने की शिकायतें दर्ज कराईं। उपभोक्ताओं का कहना था कि उनके घर में पहले भी इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगा था, लेकिन जब से स्मार्ट मीटर लगा, उनका बिल पहले से तीन गुना तक आने लगा है।
करा रहे गति की जांच
मामले पर मुख्य अभियंता लेसा (सिस गोमती) मधुकर वर्मा का कहना है कि अधिशासी अभियंताओं ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बहुत से उपभोक्ता इनके तेज चलने की शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। इनकी शिकायतों पर चेक मीटर लगाकर उसकी गति की जांच कराई जा रही है।