नीति आयोग के सदस्यों के कुछ सुझाव भी थे। उनका कहना था कि जिस महत्वाकांक्षी जिले में कोई प्रभावी नया काम हुआ है। राज्य सरकार संबंधित जिले के डीएम के जरिये हमसे साझा करे। हम उसे सोशल मीडिया के जरिए बतौर नजीर देश और दुनिया को बताएंगे।
जिन जिलों को कायाकल्प होना है वहां का पूरा तंत्र टीम भावना से काम करे। सेंटर और राज्यों के प्रतिनिधियों में और बेहतर तालमेल की भी जरूरत है। काम रैंकिंग के रूप में डैसबोर्ड पर दिखे इसके लिए सही और समय से डाटा इंट्री करें।
उल्लेखनीय है कि महत्वाकांक्षी जिलों के रूप में देश भर से चयनित 115 जिलों में से 8 जिले (चित्रकूट, फतेहपुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धर्थनगर, चंदौली, और सोनभद्र) उत्तर प्रदेश के हैं। इनका चयन 49 मानकों पर किया गया है। इनमें मानव विकास सूचकांक, चिकित्सा एवं पोषण, कृषि, जलसंसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास और आधारभूत संरचना प्रमुख हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव डॉ अनूप चंद्र पांडेय, प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री मृत्युंजय नारायण और नीति आयोग के वरिष्ठर अधिकारी मौजूद थे।