मीटर स्लो व बैक करने के आरोपी जिन्हें पुलिस ने छोड़ दिया।
मध्यांचल निगम के बिजली इंजीनियरों ने स्मार्ट मीटर पीछे व धीमा करने वाले गैंग केे दो युवकों को दबोचकर गाजीपुर थाने की पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी आईपीएस के कर्मचारी जय भगवान पाल की तहरीर पर मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन युवकों को छोड़ दिया।
यूपी पावर कॉर्पोरेशन ने स्मार्ट मीटर लगाने का ठेका एलएंडटी कंपनी को दिया था। उसने साल 2022 में यह काम कराने के लिए आईपीएस कंपनी को ठेका दे दिया। मध्यांचल निगम की प्रवक्ता के मुताबिक तहरीर में नामजद प्रशांत गुप्ता एवं दीपक कुमार मौर्य आईपीएस कंपनी में काम कर चुके हैं। जानकारी के अनुसार रविवार शाम चार बजे इंदिरानगर निवासी मध्यांचल निगम के आईटी एक्सईएन अरविंद सिंह के सरकारी मोबाइल पर फोन करने वाले ने कहा, मैं प्रशांत गुप्ता बोल रहा हूं। मैंने आपके यहां मीटर लगाया था और मैं इसे धीमा या पीछे कर सकता हूं, जिससे बिजली बिल आधा हो जाएगा। प्रशांत ने इस काम के पांच हजार रुपये मांगे।
अरविंद ने उसे घर पर बुलाने के साथ सहायता के लिए स्थानीय अधीक्षण अभियंता आरपी केन को फोन पर मामला बताया। इसके बाद उन्होंने इंदिरानगर के अधिशासी अभियंता घनश्याम को उनके घर भेजा। प्रशांत शाम 7:10 बजे अरविंद के घर दीपक मौर्य के साथ पहुंचा। घनश्याम ने पूछताछ के बाद दोनों को दबोच लिया। प्रशांत गुप्ता के पास से आईपीएस कंपनी का आईकार्ड, मीटर की पॉलीकार्बन सील एवं मीटर सीलिंग बुक बरामद की।
इसके बाद एलएंडटी के अनुज मिश्रा एवं आईपीएस के प्रतिनिधि जय भगवान को अरविंद के घर बुलाया गया, जिन्होंने प्रशांत की पहचान की। उसके मोबाइल में भी मीटर छेड़छाड़ के वीडियो मिले, जिसे उसने डिलीट करने भी कोशिश की। जय भगवान ने बताया कि प्रशांत गुप्ता से आईडी कार्ड वापस करने के लिए कहा गया था, पर उसने लौटाया नहीं था। इसके बाद दोनों युवकों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। यहां से उन्हें छोड़ दिया गया।