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Nagar Nigam: नगर निगम के 660 करोड़ रुपये दबाए बैठे हैं गृहकर के बड़े बकायेदार, सीलिंग-कुर्की करने की तैयारी

Tue, 12 Jul 2022 04:42 PM IST
ishwar ashish प्रवेंद्र गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ

सार

25 हजार रुपये से अधिक गृहकर के बकायेदारों को नगर निगम ने लाल नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। बड़े बकायेदार हाउस टैक्स का 660 करोड़ रुपये दबाये बैठे हैं। हालांकि, उन्हें 15 दिन का समय दिया गया है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ में गृहकर के बड़े बकायेदार नगर निगम के करीब 660 करोड़ रुपये दबाए हैं। इनसे वसूली को लेकर सख्ती शुरू हो गई है। 25 हजार रुपये से अधिक के ऐसे करीब तीन लाख बकायेदारों को लाल नोटिस जारी होने लगा है। इन्हें टैक्स जमा करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है। इसके बाद सीलिंग-कुर्की और बैंक खाता सीज किया जाएगा।

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चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में नगर निगम का गृहकर वसूली का लक्ष्य 330 करोड़ रुपये है। हालांकि, इसके तीन महीने बाद आंकड़ा 75 करोड़ ही पहुंच सका है। वहीं, निकाय चुनाव आने वाला है और उस समय बकायेदारों पर कड़ी कार्रवाई आसान नहीं होगी। इसे देखते हुए निगम प्रशासन अभी 25 हजार रुपये से अधिक के बकायेदारों से वसूली को लेकर कुर्की शुरू करेगा। इन्हें लाल नोटिस जारी किया जाने लगा है। नगर निगम में करीब छह लाख भवन गृहकर में पंजीकृत हैं। बीते माह तैयार हुई रिपोर्ट के मुताबिक 660 करोड़ के बकाये में 380 करोड़ रुपये टैक्स और 280 करोड़ रुपये ब्याज है। इसकी वसूली को लेकर नगर निगम प्रशासन ने एनडी (नोटिस ऑफ डिमांड) जारी करने का काम शुरू किया है।

बीते साल नगर निगम ने वसूले थे 290 करोड़
पिछले वित्तीय वर्ष एक अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2022 तक नगर निगम ने 290 करोड़ रुपये गृहकर वसूला था। बीते साल इसका लक्ष्य 300 करोड़ था। इसके अलावा विज्ञापन, पार्किंग ठेका, कल्याण मंडप, कांजी हाउस, किराया, लाइसेंस शुल्क, यूजर चार्ज आदि से करीब 49 करोड़ की आय की थी।
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ओटीएस का प्रस्ताव अभी शासन में अटका
बीते माह नगर निगम सदन की बैठक में गृहकर के लिए एकमुश्त समाधान योजना का प्रस्ताव पास किया गया था। हालांकि, अभी तक शासन से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। वहीं, सदन से ओटीएस का प्रस्ताव पास होने के बाद गृहकर वसूली में कमी आई है। योजना में पूरा ब्याज माफ होना है, ऐसे में बकायेदार अभी इंतजार कर रहे हैं। वहीं, शासन से आदेश न आने से निगम प्रशासन भी संकट में है, क्योंकि प्रस्ताव पास होने के बाद गृहकर की वसूली, जो पहले प्रतिदिन दो करोड़ तक पहुंच रही थी, अब एक करोड़ और इससे नीचे पहुंच रही है।

मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह का कहना है कि गृहकर के बड़े बकायेदारों को नोटिस जारी किया जा रहा है। जो टैक्स जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कुकी-सीलिंग की कार्रवाई होगी। नोटिस तो 25 हजार तक के बकायेदारों को जारी हो रही हैं, लेकिन सबसे पहले एक लाख या इससे अधिक के बकायेदारों को दिए जा रहे हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सभी जोनल अफसरों को निर्देश दिए गए हैं।

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