प्रदेश सरकार ने औद्योगीकरण को बढ़ावा और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया आसान कर दी है। उद्यमियों को जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। साथ ही लघु उद्योगों की स्थापना के लिए उन्हें विशेष प्रोत्साहन भी मिलेगा।
यह जानकारी अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम डॉ. नवनीत सहगल ने दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (स्थापना एवं संचालन) अधिनियम-2020 के क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शी सिद्धांत का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन, सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और उपायुक्त उद्योग को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
डॉ. सहगल ने बताया कि एमएसएमई के नए उद्यम व विस्तारीकरण को आवश्यक प्रमाणपत्र के लिए उद्यमियों को जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में आवेदन पत्र जमा करने होंगे। आवेदनों के त्वरित निस्तारण के लिए जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
संबंधित उपजिला मजिस्ट्रेट, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अधिशासी अभियंता विद्युत निगम, उप या सहायक श्रमायुक्त, क्षेत्रीय प्रबंधक राज्य औद्योगिक विकास निगम, सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा निदेशालय और जिला अग्निशमन अधिकारी इसके सदस्य होंगे। उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र समिति के सदस्य सचिव होंगे।