माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने कहा कि स्कूल समिट में मिले नवाचार और महत्वपूर्ण सुझावों से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्था में सुधार का रोडमैप तैयार होगा। पहली बार इतने बड़े स्तर पर शिक्षा में सुधार के लिए सकारात्मक चर्चा की गई है। इस चर्चा से आए सुझावों से भविष्य में शिक्षा प्रणाली में सुधार होगा और सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ेगा।
कम बजट में नवाचार से आएगा बदलाव : अराधना
माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव अराधना शुक्ला ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ज्यादा बजट की जरूरत नहीं है, नवाचार को अपनाकर गुणवत्ता को बढ़ाया जा सकता है। प्रमुख सचिव ने कहा कि क्रांतिकारी चिंतन और मंथन से शिक्षा व्यवस्था में सुधार व बदलाव लाएंगे। इस अवसर पर विभाग के सचिव आर रमेश कुमार, संयुक्त निदेशक भगवती सिंह, विकास श्रीवास्तव, वित्तविहीन शिक्षक संघ के अनिल अग्रवाल और सीएमएस के संस्थापक जगदीश गांधी भी मौजूद थे।
स्थानीय लोगों को जोड़ें और शिक्षकों को विकसित करें : रेड्डी
स्कूल नेट के सीईओ आरसीएम रेड्डी ने शिक्षा में सुधार व गुणवत्ता के लिए तीन सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों के विकास में स्थानीय लोगों को जोड़ना होगा, स्कूल डवलपमेंट प्लान बनाकर देश-विदेश में बैठे उस गांव-क्षेत्र के लोगों से मदद लेनी चाहिए। शिक्षकों का विकास आवश्यक है, उन्हें नई प्रणाली और पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण देकर उनमें जिम्मेदारी का भाव जागृत करना होगा और तकनीक का उपयोग बढ़ाना होगा। रेड्डी ने कहा कि देश की ताकत युवा पीढ़ी है, जो आगे और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की स्किल फैक्ट्री है और यूपी सबसे बड़ा बदलाव ला सकता है।