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लखनऊ यूनिवर्सिटी में कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र को मंजूरी, नौकरी दिलाने में होगा मददगार

Sat, 23 Mar 2019 01:44 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ यूनिवर्सिटी - फोटो : amar ujala
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लखनऊ विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करके नौकरी दिलाने का सपना अब साकार होता दिख रहा है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास विभाग ने विश्वविद्यालय में कौशल विकास का प्रशिक्षण केंद्र खोेलने को हरी झंडी दे दी है।

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इस केंद्र पर विद्यार्थियों को निजी क्षेत्र में नौकरी के लिए विभिन्न क्षेत्रों का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। कौशल विकास विभाग की शर्त के अनुसार प्रशिक्षण के बाद 70 फीसदी विद्यार्थियों को नौकरी दिलाना अनिवार्य है। प्रशिक्षण केंद्र खुलने के बाद लविवि के विद्यार्थियों के लिए नौकरी के रास्ते खुलेंगे।

बाकी संस्थानों की तरह लखनऊ विश्वविद्यालय की बड़ी समस्या कैंपस प्लेसमेंट न होना है। लविवि में विद्यार्थियों के लिए एक बड़े और कुछ छोटे रोजगार मेले लगाए गए हैं, लेकिन सॉफ्ट स्किल की कमी और अन्य प्रशिक्षण न होने की वजह से विद्यार्थी इसका बहुत ज्यादा लाभ नहीं उठा सके।
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इसको देखते हुए लविवि ने कौशल विकास विभाग के माध्यम से यहां पर प्रशिक्षण केंद्र खोलने के लिए आवेदन किया था। कौशल विकास विभाग ने लविवि का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है। इसके बाद अब यहां पर केंद्र खुलने का रस्ता साफ हो गया है।

प्रशिक्षण के दौरान स्टूडेंट्स को मिलेगी यूनीफॉर्म

डेमो
विद्यार्थियों के लिए निशुल्क प्रशिक्षण
इस केंद्र पर प्रशिक्षण पूरी तरह से निशुल्क होगा। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को यूनीफॉर्म भी मिलेगी। इसके लिए उनसे किसी प्रकार की फीस नहीं ली जाएगी। प्रशिक्षण में विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमीट्रिक मशीन भी लगाई जाएगी। इससे प्रशिक्षण सिर्फ कागज पर नहीं चल सकेगा। विद्यार्थियों को 80 फीसदी कक्षाओं में उपस्थित रहना जरूरी है।

70 फीसदी रोजगार देने पर ही होगा भुगतान
कौशल विकास विभाग विद्यार्थियों को निशुल्क प्रशिक्षण देने के लिए केंद्र को मंजूरी देता है। प्रशिक्षण खर्च का भुगतान कौशल विकास विभाग द्वारा किया जाता है। शर्त यह होती है कि आधार से लिंक होने के बाद विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाए और प्रशिक्षण पूरा करने वाले 70 फीसदी विद्यार्थियों को रोजगार जरूर दिलाया जाय। इनका पालन होने पर ही लविवि को प्रशिक्षण खर्च का भुगतान होगा।

सीपीसी में अभी तक न के बराबर हुआ प्रशिक्षण
लविवि कुलपति ने विवि की कैंपस प्लेसमेंट सेल को दो भागों में बांटने की बात कही थी। पहले भाग का काम साक्षात्कार के लिए स्टूडेंट्स को तैयार करना और दूसरे भाग का काम कंपनीज से संपर्क करके उन्हें कैंपस में आमंत्रित करना बताया गया था। साक्षात्कार के लिए तैयार करने में स्टूडेंट्स की इंग्लिश अच्छी करने, रेज्यूमे तैयार करने और कम्युनिकेशन बेहतर बनाने के लिए विशेष कक्षाएं भी चलने की बात थी। ये कक्षाएं पूरी तरह से निशुल्क होनी थीं। लेकिन इस दिशा में अभी तक न के बराबर ही काम हुआ है
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एंटरप्रेन्योर डवलपमेंट सेल अब तक शुरू नहीं

डेमो
केंद्र सरकार ने युवाओं में उद्यमिता विकास के लिए प्रधानमंत्री युवा उद्यमिता विकास अभियान की शुरुआत की है। विद्यार्थियों में उद्यमिता विकसित करने के लिए विवि में एंटरप्रेन्योर डवलपमेंट सेल (ई-सेल) की स्थापना भी हुई थी। इसके लिए लविवि और प्रधानमंत्री युवा योजना के बीच करार हुआ है। करार के तहत लविवि को केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री युवा उद्यमिता विकास अभियान के तकनीक और आर्थिक सहयोग मिलेगा। लविवि के दो शिक्षकों को इसके लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस सेल ने भी अभी तक काम करना शुरू नहीं किया है।

नौकरी दिलाने में होगी आसानी
कौशल विकास विभाग ने विवि में प्रशिक्षण केंद्र खोलने को मंजूरी दे दी है। बहुत जल्द इसकी शुरुआत हो जाएगी। इसके बाद विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के साथ ही नौकरी दिलाने में भी आसानी होगी। - प्रो. मधुरिमा लाल, निदेशक सीपीसी लविवि
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