लखनऊ में इंद्रलोक विद्युत कॉलोनी में पावर कॉर्पोरेशन की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी व अवर अभियंता समेत छह को निलंबित कर दिया गया है। इस भूमि पर 26 साल से ज्यादा समय से भू-माफिया का कब्जा है और 1995 से मुकदमा चल रहा है।
अदालत में लचर पैरवी व विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते हाल ही में भू-माफिया ने विवादित भूमि पर निर्माण भी शुरू करा दिया। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार ने शनिवार को सभी छह कर्मियों के निलंबन के आदेश जारी कर दिए। इनमें कॉर्पोरेशन मुख्यालय के अधीक्षण अभियंता (सिविल) देवेंद्र प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता (सिविल) अमित कुमार, विद्युत निर्माण खंड प्रथम लखनऊ के उप खंड अधिकारी हितेंद्र वर्मा, अवर अभियंता अवधेश कुमार, खंडीय लिपिक मो. इरफान व उप खंडीय लिपिक आरके सिंह शामिल हैं।
निलंबन आदेश में कहा गया है कि सिविल इकाई के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा मुकदमे में पैरवी के लिए नामित वकीलों से संपर्क करके प्रभावी कार्यवाही कराने तथा मॉनिटरिंग में लापरवाही बरती गई है, जिससे मामला लंबे समय से अदालत में लंबित तो है ही, साथ ही संबंधित जमीन पर निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया। इसे रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। प्रबंधन ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को कदाचरण का दोषी मानते हुए आगे की जांच व अनुशासनिक कार्रवाई भी शुरू करा दी है।