डीपीओ ने बताया कि घटना के समय शरणालय की अधीक्षिका आरती सिंह वहां नहीं थीं, जबकि नियमत: उन्हें रात को शरणालय में ही रहना चाहिए। प्रथम दृष्टया उनकी लापरवाही सामने आई है। जांच में सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही भी पाई गई। महिला कल्याण निदेशालय को रिपोर्ट भेजी गई है। लापरवाहों पर कार्रवाई हो सकती है।
घर या रिश्तेदार के पास जा सकती हैं संवासिनियां
शरणालय में रखीं लड़कियां अपराध पीड़िता हैं। वे भागकर घर या किसी रिश्तेदार, परिचित के पास गई होंगी। एसएसपी ने इन्हें पकड़ने को पुलिस की टीमें लखीमपुर, हरदोई और अन्य स्थानों पर भेजी हैं।
संवासिनियों को ले जाने नहीं आ रहे थे परिवारीजन
सीडब्ल्यूसी सदस्य संगीता शर्मा ने बताया कि लखीमपुर की लड़कियों के परिवारीजनों को उन्हें ले जाने के लिए बुलाया जा रहा था, लेकिन वे आ नहीं रहे थे। लड़कियों ने भी बात की थी, लेकिन उन्होंने आने से इनकार कर दिया।
मामले पर सीडब्ल्यूसी सदस्य डॉ. संगीता शर्मा का कहना है कि सुबह 6.30 बजे अधीक्षिका ने संवासिनियों के भागने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस सहित जीआरपी को भी सूचना दे दी गई है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।