शिया वक्फ बोर्ड का चुनाव राज्य सरकार के लिए गले की फांस बन चुका है। एक नवंबर से पहले चुनाव कराना संवैधानिक बाध्यता है, लेकिन चुनाव को लेकर अभी तक तस्वीर साफ नहीं हो सकी है।
दरअसल, सरकार चुनाव कराकर शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद को नाराज नहीं करना चाहती है। जव्वाद चाहते हैं कि वोटर लिस्ट फिर से तैयार कर चुनाव कराया जाए।
वहीं विभागीय मंत्री मो. आजम खां इस बात से नाराज हैं कि मौलाना के कहने पर सरकार ने चुनाव स्थगित कर दिया।
आजम वर्तमान वोटर लिस्ट में ही चुनाव चाहते हैं। ऐसे में असमंजस में फंसी सरकार चुनाव कराने को लेकर कोई निर्णय नहीं ले सकी है।