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अलीगंज अग्निकांड: सुप्रीम कोर्ट में एसआईटी रिपोर्ट दाखिल, विशेष टीम ने 51 अवैध बिल्डिंगों की रिपोर्ट भी सौंपी

Tue, 22 Sep 2026 11:11 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

कोर्ट के आदेश पर विशेष टीम पांच सितंबर को लखनऊ पहुंची थी और छह सितंबर को वापस गई थी। इन दो दिनों में टीम ने अलीगंज की 51 चिह्नित इमारतों के अलावा गोमतीनगर की कुछ इमारतों का भी निरीक्षण किया था। मामले की सुनवाई 23 नवंबर को होगी।
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अलीगंज अग्निकांड। - फोटो : File photo
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विस्तार
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लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड मामले की सुनवाई मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई। इस दौरान अग्निकांड की एसआईटी जांच रिपोर्ट भी बंद लिफाफे में कोर्ट में दाखिल की गई। करीब दो सप्ताह पहले शहर में अवैध निर्माणों की जांच के लिए आई सुप्रीम कोर्ट की विशेष टीम ने भी अपनी रिपोर्ट सौंप दी। टीम ने अलीगंज में चिह्नित 51 अवैध निर्माणों का मौके पर जाकर सर्वे पूरा किया है। अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी।

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22 जून को अलीगंज के सेक्टर-डी में आवासीय भूखंड पर बने अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में आग लग गई थी। हादसे में 15 लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए अवैध निर्माणों की जांच के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश पर विशेष टीम पांच सितंबर को लखनऊ पहुंची थी और छह सितंबर को वापस गई थी। इन दो दिनों में टीम ने अलीगंज की 51 चिह्नित इमारतों के अलावा गोमतीनगर की कुछ इमारतों का भी निरीक्षण किया था। मंगलवार को टीम ने मौके पर मिले तथ्यों की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी। इसी रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे सुनवाई होगी।

कई याचिकाओं पर एक साथ हो रही सुनवाई
अलीगंज अग्निकांड की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में पहले से चल रही जनहित याचिका लोकनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य सरकार के साथ की जा रही है। दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी हॉस्टल की पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद इस मामले को भी उक्त जनहित याचिका के साथ जोड़ दिया गया है।
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जांच में नाम आए अधिकारियों की बढ़ सकती है मुश्किल
अलीगंज में जिस अवैध इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत हुई थी, उसकी प्रारंभिक जांच में एलडीए के कई अधिकारियों और इंजीनियरों की भूमिका का उल्लेख किया गया था। इनमें विहित प्राधिकारी दुर्गेश श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता अवनींद्र सिंह, बीपी मौर्या, पीसी पांडेय और आनंद मिश्रा, सहायक अभियंता सुनील कुमार, गिरीश चंद्र शर्मा, अमर कुमार मिश्रा, आरएस सिंह, अनिल कुमार और संजय शुक्ला तथा अवर अभियंता जय प्रकाश नारायण, रवींद्र कुमार श्रीवास्तव, ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, प्रमोद पांडेय, अंबरीश कुमार शर्मा, शिवानंद शुक्ला और हेमंत कुमार के नाम शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, संजय शुक्ला, प्रमोद पांडेय समेत कई इंजीनियर निलंबन के खिलाफ हाईकोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त कर चुके हैं। अब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एसआईटी और विशेष टीम की रिपोर्ट के बाद मामले में नामजद अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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