लखनऊ। एसआईआर प्रक्रिया के तहत सहायक निर्वाचक अधिकारी (एआरओ) स्तर पर की जा रही सुनवाई का कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है। न केवल नोटिस जारी होने में देरी हो रही है, बल्कि सुनवाई की प्रक्रिया भी धीमी है। इस कारण अब तक करीब 10 फीसदी लोगों के ही अभिलेख सत्यापित हो पाए हैं। यह स्थिति तब है जब जिला निर्वाचन अधिकारी विशाख जी लगातार एआरओ और बीएलओ को इस प्रक्रिया को तीव्रता और पारदर्शिता के साथ पूरा करने के निर्देश दे चुके हैं।
जिले की ड्राफ्ट मतदाता सूची में लगभग 8.99 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिन्होंने वर्ष 2003 की मतदाता सूची का ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया है। इन सभी मतदाताओं को नोटिस जारी कर उनसे प्राप्त अभिलेखों का सत्यापन कराया जा रहा है।
निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, लगभग 4.24 लाख लोगों के लिए नोटिस जनरेट किए जा चुके हैं, लेकिन इनमें से केवल 2.42 लाख लोगों को ही नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए बुलाया गया है। 58 हजार लोगों को सुनवाई की तिथि दी गई है, जिनमें से केवल छह हजार के ही अभिलेख सत्यापित हो पाए हैं। लखनऊ पश्चिम, लखनऊ उत्तर और बख्शी का तालाब विधानसभा क्षेत्रों में लंबित मामलों की संख्या अधिक पाई गई है, जिसके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।
बूथों पर कम पहुंचे मतदाता
शनिवार को चलाए गए विशेष अभियान के तहत, बीएलओ ने उन आवेदकों को नोटिस दिया, जिनकी वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो पाई थी। विकास भवन और जिले की विभिन्न तहसीलों में नियुक्त अधिकारियों ने नोटिस की सुनवाई करते हुए आवेदन के साथ लगे अभिलेखों का सत्यापन किया। शहर के सर्वोदयनगर, इंदिरानगर, कल्याणपुर और गोमतीनगर जैसे क्षेत्रों के बूथों पर बीएलओ तो पहुंचे, लेकिन दोपहर 12 बजे तक इक्का-दुक्का आवेदक ही नजर आए।
सुनवाई के लिए पहुंचे बुजुर्ग हुए परेशान
एसआईआर प्रक्रिया के तहत अभिलेख सत्यापन के लिए नियुक्त जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय, जो विकास भवन की दूसरी मंजिल पर स्थित है, वहां लिफ्ट खराब होने के कारण बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गुरुवार को 589 लोगों को सुनवाई और अभिलेख सत्यापन के लिए बुलाया गया था, जिनमें से 125 के अभिलेख सत्यापित हुए। 70 वर्षीय एसएन त्रिपाठी, 66 वर्षीय मंजू त्रिपाठी और 79 वर्षीय शोभाराम जैसे कई बुजुर्गों को दो मंजिला सीढ़ियों से चढ़कर अपने कक्ष तक पहुंचना पड़ा। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजली कुमार से इस संबंध में शिकायत भी की।
बूथों पर पहुंचे मतदाता।
बूथों पर पहुंचे मतदाता।
बूथों पर पहुंचे मतदाता।
बूथों पर पहुंचे मतदाता।