सिद्धार्थनाथ सिंह ने यह भी कहा कि इन दोनों नेताओं का काम सिर्फ बेवजह गाल बजाना है। इन दोनों को यह भी बताना चाहिए कि वैश्विक महामारी कोरोना की दोनों लहरों के दौरान ये कितनी बार जनता के आंसू पोछने के लिए अपने महल से बाहर निकले। रही बात योगी की तो कोरोना के संकट के दौरान ही नहीं हर संकट में वह जनता के बीच ग्राउंड जीरो पर रहे।
पिछले दो दिनों से भी वह पूर्वांचल के कुछ जिलों में बाढ़ के मद्देनजर ग्राउंड जीरो पर ही हैं। यह सारी चीजें आपको भले न दिखें, जनता देख रही है। समय आने पर पहले की तरह जवाब भी देगी।