सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि यह सिर्फ ओमप्रकाश राजभर और माफिया मुख़्तार अंसारी का ही मिलन नहीं। यह तुष्टीकरण की उसी राष्ट्रघाती राजनीति का सबूत है जिसकी चर्चा अक्सर भाजपा करती है।
कैबिनेट मंत्री व राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह का कहना है कि सुभासपा के मुखिया ओम प्रकाश राजभर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के दूत बनकर माफिया मुख्तार अंसारी से मिलने जेल में मिलने गए थे। यह सिर्फ ओमप्रकाश राजभर और माफिया मुख़्तार अंसारी का ही मिलन नहीं। यह तुष्टीकरण की उसी राष्ट्रघाती राजनीति का सबूत है जिसकी चर्चा अक्सर भाजपा करती है। कल अखिलेश ने जिन्ना की जो तारीफ की थी, वह भी इसी की कड़ी थी।
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सिद्धार्थनाथ ने बुधवार को एक बयान में कहा कि दो कथित महापुरुषों का मिलन ही इस बात का संकेत है कि इनके राजनीति की दशा और दिशा क्या होगी? इनका गठबंधन, महाठगबंधन है। इस नापाक गठबंधन के मंसूबे अब पूरे होने वाले नहीं। अराजकता के वे दिन और दौर कभी नहीं लौटने वाले क्योंकि सूबे की जनता ने अब जेल में बंद मुख्तार सरीखे नेताओं को राजनीति से दूर करने का मन बना लिया है। अब मुख्तार सरीखे नेता जेल में ही रहेंगे और ऐसे दागी नेताओं से नाता रखने वाले सपा मुखिया अखिलेश यादव तथा ओम प्रकाश राजभर जैसों को सूबे की जनता राजनीति का अपराधीकरण करने के लिए सबक सिखाएगी।