क्या लिखा है पत्र में
प्रो. रामगोपाल ने सोमवार शाम मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पत्र सौंपा था। इसमें अपने रिश्तेदार पूर्व विधायक रामेश्वर यादव व उनके परिजनों का उत्पीड़न रोकने की मांग की है। पत्र में बताया गया है कि पूर्व विधायक रामेश्वर यादव, उनके भाई जोगेंद्र यादव और जोगेंद्र की पत्नी रेखा यादव का उत्पीड़न हो रहा है। बसपा सरकार में उनके खिलाफ 40 झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इसमें कुछ हाईकोर्ट से तो कुछ जांच के दौरान खत्म हो गए। इसके बाद भी रामेश्वर यादव व उनके भाइयों की जमीन मकान कुर्क कर दिया गया है। उनके प्रबंधन वाले कॉलेज को सीज कर दिया गया है। एटा पुलिस जोगेंद्र की गिरफ्तारी पर आमादा है। उन्होंने मांग है कि पूरे मामले की जांच सीबीआई व एसआईटी से कराई जाए। एटा प्रशासन द्वारा की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्रवाई रोकी जाए।
अखिलेश बताएं, क्या भाजपा की आत्मा रामगोपाल में चली गई : राजभर
उधर, सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने रामगोपाल यादव के मुख्यमंत्री से मुलाकात पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से सवाल किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव बताएं कि भाजपा की आत्मा ओम प्रकाश राजभर से निकलकर प्रो. रामगोपाल यादव में घुस गई है क्या? अखिलेश किस तांत्रिक से अब रामगोपाल का झाड़फूंक कराएंगे। ओम प्रकाश ने कहा है कि जब सीएम योगी मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव से मिलते हैं तो सपा के लोग कोई प्रतिक्रिया नहीं देते। लेकिन, जब ओम प्रकाश राजभर अपने विधायकों के साथ जनता की समस्याओं के निदान के लिए सीएम से मिलते हैं तो सुबह से शाम तक टिप्पणी करते हैं। इस मुलाकात पर राजभर ने कहा कि अब अखिलेश अपने कार्यकर्ताओं को बताएं कि यह मुलाकात किस लिए थी? कहीं प्रोफेसर रामगोपाल की कोई कमजोर नस तो भाजपा सरकार के हाथ नहीं लग गई है।