शिवपाल ने कहा कि यह विपक्ष के लिए निर्णायक घड़ी है। अगर विपक्ष संघर्ष के लिए तैयार नहीं हुआ तो रास्ता बहुत कठिन है। प्रसपा ने सीमित अवधि में शानदार संगठन खड़ा किया है। अगर 2019 में हमें विपक्षी दलों के गठबंधन में शामिल किया जाता तो लोकसभा चुनाव के परिणाम कुछ और होते।
उन्होंने कहा कि वैचारिक मतभेद के बावजूद किसी से मेरा मनभेद नहीं रहा। मैंने कभी भी किसी के लिए असंसदीय शब्दों का उपयोग नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी एकजुटता की आकांक्षा पूरी नहीं हुई को प्रसपा पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी।