सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव और पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव के बीच मंगलवार को एक बार फिर काफी देर गुफ्तगू हुई। बताते हैं कि दोनों के बीच सेक्युलर मोर्चे को लेकर अहम बातचीत हुई। जल्द ही इसके नतीजे सामने आ सकते हैं।
लोहिया ट्रस्ट की बैठक में सोमवार को ही मुलायम-शिवपाल ने ट्रस्ट के कार्यों की गहन समीक्षा और आगामी लोकसभा चुनाव पर चर्चा की थी। इसके अगले ही दिन दोनों एक साथ फिर बैठे।
सूत्रों के मुताबिक इस दौरान एक शिवपाल समर्थक नेता की ओर से गठित सेक्युलर मोर्चे को लेकर रणनीति बनाई गई। शिवपाल समर्थकों का मानना है कि राजनीतिक क्षेत्र में दखल बरकरार रखने के लिए इस मोर्चे को मजबूत बनाना जरूरी है।
सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं की लगातार दो दिनों की मुलाकात से समाजवादी खेमे में बेचैनी बढ़ गई है। सेक्यूलर मोर्चे में क्षेत्रीय दलों को शामिल करने की पुरजोर कोशिश की जा रही है।
जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, इन कोशिशों को और तेज किया जा रहा है। शिवपाल समर्थकों का मानना है कि उन्हें चुनाव की रणनीति बनाने में महारत हासिल है। 2012 के चुनाव में सपा की जीत में उनकी भूमिका अहम थी। हालांकि, सामान्य दिनों में वे संगठन को सक्रिय रखने में उतनी कारगर रणनीति नहीं बना पाते।