शिवपाल ने कहा कि उनके राजस्व मंत्री रहते प्रदेश में राजस्व संहिता लागू की गई थी। इससे किसानों को सीधे लाभ मिलना चाहिए था। यदि कोई रजिस्ट्री हो जाए तो अपने आप दाखिल-खारिज हो जना चाहिए। लेकिन, तीन-तीन और छह-छह महीने तक दाखिल खारिज नही किए जाते। बिना पैसा दिए किसी टेबिल पर काम नहीं होता। सरकार को वादे के मुताबिक भ्रष्टाचार पर रोक लगानी चाहिए।