लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रभारी शिवपाल सिंह यादव ने शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य पर पलटवार किया।
कहा कि केशव आरोप सिद्ध करें या सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। उन्होंने भाजपा और बसपा पर लाशों पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
शिवपाल ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केशव जिम्मेदार पद पर हैं, उन्हें गैर जिम्मेदाराना बयान नहीं देना चाहिए। लाशों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। केशव पर 13 आपराधिक मुकदमे हैं। पहले उन्हें अपनी छवि सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा, मैं हमेशा जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ रहा हूं। मैं मथुरा गया था तो जवाहर बाग से अराजक लोगों का कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे।
कब्जा करने वालों की मांगे थी अजीबोगरीब
शिवपाल ने कहा कि अवैध कब्जा करने वालों में मध्य प्रदेश और बिहार के लोग ज्यादा थे। उनकी मांगें भी अजीबोगरीब थीं। मथुरा जिला प्रशासन ने कई बार उनसे बातचीत के प्रयास किए।
कई बार पानी काटा गया, राशन के ट्रक रोके गए। जब भी कब्जा हटाने की कोशिश हुई, अराजक लोग हमलावर हो जाते थे। प्रशासन सोचता था कि गोली न चलानी पड़े।
शिवपाल ने भाजपा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि सांप्रदायिकता और अराजकता फैलाने वाले कब्जा करने वालों को संरक्षण दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रमुख सचिव, गृह और डीजीपी मथुरा पहुंच गए हैं। पूरे मामले की गहन जांच हो रही है। जो भी दोषी होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सीबीआई जांच की मांग ठुकराई
विपक्षी दलों द्वारा सीबीआई जांच की मांग पर शिवपाल ने कहा कि जांच कराने में हम खुद सक्षम हैं। जांच में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। सीबीआई जांच का मतलब है देरी।
क्या मायावती ने दिया था इस्तीफा
बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा प्रदेश सरकार से इस्तीफे की मांग पर शिवपाल ने पलटवार करते हुए कहा कि बसपा शासन में क्या-क्या नहीं हुआ, क्या उन्होंने इस्तीफा दिया था? दुख की घड़ी में मायावती को लाशों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
शहीद अफसरों को दी श्रद्धांजलि
शिवपाल ने जमीन से कब्जा हटवाने में शहीद हुए दोनों पुलिस अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी। कहा कि एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव अपने कर्तव्य का पालन करते हुए शहीद हो गए। सरकार की तरफ से उनके परिवार को पूरी सहायता व सुरक्षा दी जाएगी।