सपा सरकार और परिवार में ताजा झगड़े की जड़ बना माफिया मुख्तार अंसारी का कौमी एकता दल अब सपा का हिस्सा है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने बृहस्पतिवार को इसका खुलासा किया। उन्होंने कहा, सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव कह चुके हैं कि कौमी एकता दल का विलय हो चुका है, वे अब सपा में हैं।
कौमी एकता दल का सपा में 21 जून को विलय हुआ था। विलय के साथ ही सपा में भूचाल आ गया था। इससे नाराज अखिलेश यादव ने विलय में मध्यस्थता करने वाले कैबिनेट मंत्री बलराम यादव को उसी दिन बर्खास्त कर दिया था।
विवाद इतना बढ़ा कि 25 जून को केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक बुलानी पड़ी थी। इसमें विलय के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। तब से कई बार विलय को लेकर अटकलें लगती रहीं।
बृहस्पतिवार को शिवपाल ने साफ कर दिया कि कौमी एकता दल का नेताजी सपा में विलय कर चुके हैं। यह सबकी सलाह से हुआ है। अब कौएद सपा का हिस्सा है।
'आप कहिए तो उन्हें नेताजी से मिलवा देते हैं'
शिवपाल यादव
- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा, नेताजी के फैसले के बाद कोई सवाल नहीं बचता। उन्होंने चुटकी ली, आप कहिए तो उन्हें (कौमी एकता दल के नेताओं को) फिर नेताजी से मिलवा देते हैं।
दागी अमनमणि, मुकेश श्रीवास्तव का बचाव
पत्नी के कत्ल के आरोपी अमनमणि त्रिपाठी और एनआरएचएम घोटाले में घिरे मुकेश श्रीवास्तव को टिकट देने का भी शिवपाल ने बचाव किया।
सीएम अखिलेश द्वारा अमनमणि के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश पर शिवपाल बोले, जांच एजेंसी की रिपोर्ट तो अभी आई नहीं। मुकेश पर उन्होंने सफाई दी, आरोप लगने या चार्जशीट दाखिल होने से कोई दोषी नहीं हो जाता।
अभी अदालत का फैसला आना बाकी है। अमनमणि की सास के टिकट का विरोध जताने पर उन्होंने कहा, अभी तक वह हमसे तो मिली नही हैं। मिलेंगी तो पुनर्विचार करेंगे।
कौएद के मुख्तार व अफजाल पर हत्या के केस
मुख्तार अंसारी
मुख्तार अंसारी ने 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान जो शपथ पत्र दाखिल किया था, उसमें उन्होंने 15 मुकदमों का जिक्र किया है। चार मुकदमे हत्या के हैं। एक जान से मारने के प्रयास का है। गंभीर मारपीट के भी कई मामले हैं।
अपराधिक साजिश के आरोप की भी पांच धाराएं लगी हैं। उस पर दंगा करवाने और खतरनाक हथियारों का उपयोग करने के भी आरोप हैं। मुख्तार ने धोखाधड़ी के भी दो मामले बताए।
अफजाल अंसारी
मुख्तार के भाई अफजाल पर तीन गंभीर मामले दर्ज हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने जो शपथ पत्र दाखिल किया था, उसमें एक मामला हत्या का है। जान से मारने की कोशिश का भी एक मामला है। मारपीट-फसाद करने और अपराधिक षड्यंत्र के आरोप भी अफजाल पर हैं।