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खौफनाक: गमछे से फांसी लगा रहे शिक्षामित्र को साथी ने रोका

Tue, 15 Sep 2015 09:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर/इलाहाबाद/लखनऊ।
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सहायक शिक्षक के तौर पर समायोजन रद्द होने पर शिक्षामित्रों का बवाल सोमवार को और बढ़ गया। शिक्षामित्रों ने स्कूलों का बहिष्कार करते हुए प्रदेशभर में कई जगह परिषदीय स्कूलों में ताले जड़ दिए। कुशीनगर में एक शिक्षामित्र के पिता की सदमे में मौत हो गई। प्रदर्शन के दौरान कई शिक्षामित्रों ने खुदकुशी की कोशिश की।
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अधिकतर जिलों के हजारों शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छा-मृत्यु मांगी है। कानपुर में दो ट्रेनें रोकी तो सड़कों पर जगह-जगह जाम लगाया। शिक्षा मित्रों ने मंगलवार को भी स्कूलों में तालाबंदी करके विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय किया है।

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के गलत काउंटर दाखिल किए जाने के बाद हाईकोर्ट से सहायक अध्यापक पद पर किया गया समायोजन रद्द होने से आहत शिक्षामित्र रविवार को प्रदेशभर में सड़कों पर उतरे थे। इसी क्रम में सोमवार सुबह से ही जिला मुख्यालयों व अन्य स्थानों पर शिक्षामित्र जुटने शुरू हो गए।
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लखनऊ में शिक्षा मित्रों ने डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के कार्यक्रम स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी के ईरानी से उनकी मुलाकात कराने के बाद मामला शांत हुआ।

गोंडा मे 1400 स्कूलों में तालाबंदी रही। बलिया में कालीपट्टी बांधकर जुलूस निकाला गया। मऊ में शिक्षामित्रों ने शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर पैदल मार्च किया। धरना-प्रदर्शन के दौरान शिक्षामित्रों की पुलिस से मामूली झड़प भी हुई। शिक्षामित्र संघ के मीडिया प्रभारी संतोष शुक्ल एवं आदर्श शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष अश्वनी त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार को कार्य बहिष्कार सफल रहा।

किसी ने सल्फास खाई तो किसी ने केरोसिन डाला

समायोजन रद्द होने के चलते मुरादाबाद में हुए प्रदर्शन के दौरान एक शिक्षामित्र ने अपने ऊपर केरोसिन छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश की। बरेली में शिक्षामित्र धर्मेंद्र पटेल ने पेड़ पर आत्महत्या करने को चढ़ गया। बड़ी मुश्किल से उसे उतारा गया। बदायूं में कौल्हाई पर शिक्षामित्र भूपसिंह ने सल्फास खाकर जान देने की कोशिश की। मैनपुरी में शिक्षामित्र इंद्रपाल ने गमछे से फंदा बनाकर आत्महत्या की कोशिश की पर साथियों ने उसे बचा लिया।

प्रदर्शन के दौरान बेहोश हुए शिक्षामित्र
चिलचिलाती धूप में प्रदर्शन कर रही कानपुर देहात की तीन और वाराणसी तीन महिला शिक्षा मित्र बेहोश हो गईं। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मऊ में छह शिक्षामित्र गश खाकर गिर गए। एटा में तीन महिला शिक्षामित्र जबकि फीरोजाबाद में तीन पुरुष शिक्षामित्र बेहोश हो गए। आगरा में पांच शिक्षामित्र बेहोश हो गईं। अलीगढ़ में शिक्षामित्र दंपति की हालत बिगड़ गई, जबकि हाथरस में सांसद के दफ्तर पर दो शिक्षामित्र बेहोश हो गईं।

पीएम का जनसंपर्क कार्यालय घेरा
वाराणसी में नाराज शिक्षामित्रों ने सोमवार को प्रधानमंत्री के जनसंपर्क कार्यालय का दो घंटे तक घेराव किया। जनसंपर्क कार्यालय पर उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। आखिर में कार्यालय प्रभारी को ज्ञापन देकर वे लौट गए।

सदमे के कारण कइयों को आया हार्ट अटैक

कुशीनगर के फरेंदा के शिक्षामित्र अवधेश प्रसाद के पिता रामसनेही प्रसाद की सदमे में मौत हो गई। घर वालों का कहना है कि रविवार को जैसे ही उन्हें शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने के हाईकोर्ट के फैसले की जानकारी मिली, वह बेटे की नौकरी पर चिंता जताने लगे। कुछ देर में चक्कर खाकर गिर पड़े।

इलाज के लिए नजदीकी निजी डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित करने के साथ मौत की वजह हार्टअटैक बताई। मथुरा में एक को हार्टअटैक आने से उसकी तबियत बिगड़ गई। मुरादाबाद में सदमे से चार शिक्षामित्रों की हालत बिगड़ गई। बागपत में दो शिक्षामित्र को हार्ट अटैक आ गया।
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6500 से अधिक ने मांगी इच्छा मृत्यु

सपा मुखिया मुलायम सिंह के गढ़ मैनपुरी में 2200 शिक्षामित्रों ने इच्छामृत्यु की मांग की है। मथुरा में 2000, एटा में 1700, गोंडा में 520 और बागपत में 172 शिक्षामित्रों ने प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन देकर इच्छामृत्यु मांगी।

अब आगे क्या
शिक्षामित्रों का कहना है कि दिल्ली जाकर केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को ज्ञापन देंगे। शिक्षा मित्र 18 सितंबर को वाराणसी आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र्र मोदी से मिलकर भी अपनी बात रखेंगे। शिक्षकों ने 15 सितंबर को भी अपना कार्य बहिष्कार जारी रखने का निर्णय लिया है।

केंद्र शिक्षा मित्रों के साथ कर रहा भेदभाव
मामले पर बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी का कहना है कि केंद्र सरकार यूपी के शिक्षा मित्रों के साथ भेदभाव कर रहा है। केंद्र में जब कांग्रेस की सरकार थी तब उत्तराखंड में और अब भाजपा ने महाराष्ट्र के शिक्षामित्रों को बिना टीईटी शिक्षक बनाने की अनुमति दे दी। उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार है अगर केंद्र में उनकी होती तो यूपी में शिक्षा मित्रों के साथ ऐसा न होता।
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