कांग्रेस नेता शशि थरूर
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कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एएमयू से मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर हटाने को लेकर हुए बवाल पर संघ परिवार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के अंदर अपनी बात ताकत से नहीं, तर्क से मनवानी चाहिए।
थरूर ने कहा कि एएमयू में जिन्ना की फोटो 1938 से लगी है, लेकिन लोगों का ध्यान जरूरी मुद्दों से हटाने के लिए इसे हवा दी जा रही है। जिन्ना का फोटो हटवाने के लिए एकेडमिक बहस-मुबाहिसा चलाना चाहिए। इसके बजाय विश्वविद्यालय में घुसकर कानून तोड़ा जा रहा है।
यूपी सरकार ने इसे रोकने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि वे जिन्ना के फैन नहीं हैं, पर मुंबई हाईकोर्ट और मुंबई बार एसोसिएशन के दफ्तर में उनकी फोटो लगी है, क्योंकि जिन्ना ने वहां काम किया था। उन्होंने कहा कि एकेडमिक स्वतंत्रता में भाजपा को विश्वास ही नहीं है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर और कांग्रेस प्रवक्ता अशोक सिंह भी मौजूद रहे।
कर्नाटक में नहीं चली योगीगीरी
थरूर ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी होगी। सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि कर्नाटक के मतदाताओं ने ही सवाल करने खड़े कर दिए कि वे उस वक्त वहां क्या कर रहे हैं, जब यूपी में आंधी-तूफान में लोग मर रहे हैं। वहां बिल्कुल भी योगीगीरी नहीं चली। नतीजे आने के बाद वहां सभी संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।
शशि थरूर से पूछा गया कि सिद्धांतों को दूर रखकर आगामी लोकसभा चुनाव में सपा व बसपा से कांग्रेस गठबंधन के लिए तैयार है। इस पर थरूर ने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों को सत्ता से दूर करने के लिए ये दल एक साथ आएंगे। सभी मानते हैं कि गठबंधन करके भाजपा को सत्ता में आने से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा के हाथों में देश सुरक्षित नहीं है।
एआईपीसी से जुड़ने का आह्वान
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित परिचर्चा में एआईीसी की अध्यक्ष डॉ. अमिता सिंह ने प्रोफेशनल्स से अधिक से अधिक संख्या में एआईपीसी से जुड़ने का आह्वान किया। एआईपीसी के चीफ ऑपरेशन ऑफिसर आलिम जावेरी और रीजनल कोऑर्डिनेटर सलमान अनीस सोज ने समावेशी विकास के महत्व पर प्रकाश डाला।
अब पाक के साथ नहीं चलेगी बिरयानी पॉलिटिक्स
थरूर से पूछा गया कि राहुल गांधी ने बिना सहयोगी दलों की सहमति के ही खुद को पीएम पद का दावेदार घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि एक संवाददाता के सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने ऐसा कहा था। इसे संदर्भ से काटकर प्रचारित नहीं किया जाए।
उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि भारत में आतंकवादी घटनाओं में पाकिस्तानी आतंकी का हाथ है। इसको लेकर वहां के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का बयान कोई अचंभित करने वाली बात नहीं है। हां, पीएम मोदी को जरूर समझ लेना चाहिए कि अब चिकेन-बिरयानी पॉलिटिक्स नहीं चलेगी। थरूर ने कहा कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन को पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम पर आरोप लगाने के बजाय राफेल घोटाला, दोकलाम और सीमा पार आतंकवाद पर बोलना चाहिए।