विधायक कुलदीप सिंह सेंगर
- फोटो : amar ujala
पीड़िता ने आरोप लगाया था कि शशि ही उसे चार जून 2017 को रात आठ बजे विधायक के पास नौकरी दिलाने के बहाने ले गई थी। आरोप है कि इसी दौरान कुलदीप सिंह सेंगर ने उसके साथ बलात्कार किया। उस समय उनके घर के आंगन में शशि मौजूद थी। पीड़िता की मां की ओर से दर्ज एफआईआर में शशि सिंह को सह आरोपी बनाया गया है।
सीबीआई टीम ने विधायक से पूछताछ के बाद शनिवार को शशि सिंह से पूछताछ शुरू की। पूछताछ में वह खुद को बेगुनाह बताती रही। उसने कहा, उसका इस घटना से कोई संबंध नहीं है। शशि ने रोते हुए बताया कि उसके बेटे शुभम को पीड़िता ने फर्जी केस में फंसा कर जेल भिजवा दिया था। वह इसकी पैरवी कर रही थी और मदद की गुहार लगाने विधायक कुलदीप सिंह के पास गई थी। कुलदीप सिंह ने दोनों पक्षों में समझौता कराने की कोशिश की। यह कोशिश नाकाम हुई तो उसे रेप के मामले में फंसा दिया गया। शुरुआती पूछताछ के बाद सीबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया। माना जा रहा है कि शशि और कुलदीप का पीड़िता से एक साथ आमना-सामना कराया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, शशि के विधायक कुलदीप से पारिवारिक संबंध हैं। शशि का पति हरिपाल सिंह फौज में है। चार दिन पहले शशि सिंह पूरे परिवार के साथ लखनऊ आई थी और मीडिया के सामने खुद को बेकसूर बताया था। उसने पीड़िता को लेकर कई सवाल खड़े किए थे। इसके अगले दिन विधायक की पत्नी के साथ वह डीजीपी ओम प्रकाश सिंह से भी मिली थी और न्याय की गुहार लगाई थी। शशि ने डीजीपी को बताया कि उसके बेटे के खिलाफ पीड़िता ने फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर जेल भिजवा दिया। पांच महीने जेल में रहने के बाद वह जमानत पर छूट कर बाहर आया है।