धार्मिक झंडा लगाने को लेकर शनिवार रात भंगहा बाजार में हुए पथराव के बाद अब मामला पूरी तरह से शांत हो चुका है। पुलिस ने मामले में गिरफ्तार सभी 23 आरोपियों को जेल भेज दिया है। जबकि शेष आरोपी घर छोड़कर फरार हैं। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। घटना के दूसरे दिन बाजार में मिलाजुला असर देखने को मिला। कुछ स्थानों पर दुकानें खुली तो ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। वहीं सुरक्षा के लिए मौके पर अभी पुलिस बल तैनात है।
भंगहा बाजार में शनिवार रात धार्मिक बैनर लगाने को लेकर दो समुदाय में विवाद हो गया था। इस दौरान दोनों तरफ से हुए पथराव में एक महिला सहित कुछ लोग घायल हो गए थे। हालांकि मौके पर भारी पुलिस बल के आ जाने के बाद मामला शांत हो गया था। इस दौरान पुलिस ने शनिवार रात ही 44 लोगों के विरुद्ध नामजद मामला दर्ज कर 23 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। जिन्हें सोमवार को जेल भेजा गया। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर अब भी पुलिस व पीएसी बल तैनात है।
बाजार में कई लोगों ने अपनी दुकान खोला, लेकिन ज्यादातर दुकानें दूसरे दिन भी बंद रहीं। इस दौरान बाजार में भी इक्का दुक्का लोग ही आते जाते दिखे। बाजार में चहल पहल न होने व लोगों के घरों से न निकलने के कारण जिन लोगों ने दुकान खोला भी। उनमें से भी ज्यादातर दुकानदार ग्राहक के न आने के कारण अपनी दुकान बंद कर घर चले गए। इस बारे में प्रभारी निरीक्षक भानुप्रताप सिंह का कहना है कि भंगहा बाजार में स्थित पूरी तरह से सामान्य है फिर भी सुरक्षा को देखते हुए पुलिस तैनात किया गया है। आरोपी घर छोड़कर फरार हैं। जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। स्थित पूरी तरह से अब सामान्य है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
भंगहा बाजार निवासी संतोष कुमार पटवा, मंजीस पटवा, प्रीतम पटवा, अजय पटवा, गौंड़रा निवासी किशन वर्मा, भंगहा बाजार निवासी आजाद अहमद, मारूफ कुरैशी, निजामुद्दीन, इरशाद, हासिम, अनवार अहमद, शमशाद अहमद, अंजार, अली अहमद, मोहम्मद फारूक, अरशद अंसारी, साजिद, मोहम्मद तल्हा, अफजल, शिवली, अनीस अहमद, मोहम्मद जुनैद व अनवर अली को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई कर जेल भेजा गया है।